गुमशुदा बच्चों की रिकवरी, भिक्षावृत्ति और अनैतिक देह व्यापार पर प्रभावी काम नहीं होने पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल पर गाज गिर गई है। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने इंचार्ज को छोड़ पूरी टीम को लाइन हाजिर कर दिया है।
जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल पर गुमशुदा बच्चों को ढूंढकर परिजनों को सौंपने की मुख्य जिम्मेदारी है। इसके अलावा भिक्षावृत्ति रोककर मासूम बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराने का काम मिला है। दोनों कामों को करने में टीम का रिपोर्ट कार्ड निराशाजनक रहा। शहर में हो रहे अनैतिक देह व्यापार पर रोक लगाने में भी टीम फेल साबित हुई है।
बृहस्पतिवार को एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने अचानक टीम के काम की समीक्षा की। संतोषजनक काम नहीं दिखने पर उन्होंने नाराजगी जताई और लापरवाही मानते हुए पूरी टीम को लाइन हाजिर कर दिया। इंचार्ज ललिता पांडे को विभागीय कार्रवाई से बाहर होने पर राहत मिल गई। लाइन हाजिर होने वालों में महिला एसआई मंजू ज्वाला, हेड कांस्टेबल गीता कोठारी, महिला कांस्टेबल दीपा सिंह, कांस्टेबल महेंद्र सिंह व मनोज यादव शामिल हैं। एसएसपी का कहना है कि कर्तव्यों के प्रति लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







