बुकिंग हो गई है, डीएसी नंबर भी मिला लेकिन सिलिंडर डिलीवरी की खामोशी ने रसोई में चूल्हे को ठंडा कर दिया है। प्रशासन के तमाम दावों के विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू रसोई गैस सिलिंडरों की किल्लत लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भारी पड़ रही है।
कई परिवारों ने बुकिंग करवा ली है और डीएसी नंबर भी प्राप्त कर लिया है फिर भी सिलिंडर नहीं पहुंच पा रहे हैं। नाराज ग्रामीण मजबूर होकर लकड़ी और अन्य ईंधन पर निर्भर हो रहे हैं जबकि गैस एजेंसी की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है।
केस-1
देवींधूरा निवासी कमला देवी और हंसा देवी ने बताया कि उन्होंने एक सप्ताह पहले गैस बुक कराई थी। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही सिलिंडर मिल जाएगा। कई दिन बीतने के बाद भी डिलीवरी नहीं हुई है।उन्हें मजबूरन लकड़ी या अन्य ईंधन का उपयोग करना पड़ रहा है।इसमें समय की काफी बर्बादी हो रही है।
केस-2
गेठिया के नवीन बिष्ट ने बताया कि कई दिनों बाद सोमवार को गाड़ी आई लेकिन सिलिंडर कम पड़ गए। गांव में उनके अलावा कई लोग डीएसी नंबर मिलने से राहत महसूस कर रहे थे लेकिन गैस नहीं मिलने से निराशा है। पटवाडांगर के जितेंद्र कुमार ने कहा कि गैस किल्लत से घर में परेशानी खड़ी हो रही है।
केस-3
देवलचौड़ बंदोबस्ती श्री रामपुरम कॉलोनी निवासी चंद्रशेखर पाठक ने बताया कि उन्होंने 42 दिन पहले इंडेन का सिलिंडर बुक कराया था। गैस नहीं मिली तो सरस मार्केट स्थित इंडेन के दफ्तर पहुंचे। वहां 27 मार्च तक डिलीवरी का भरोसा दिया लेकिन सिलिंडर नहीं मिला। उनके दोनों सिलिंडर खाली हो चुके हैं।
केस-4
हल्द्वानी से लगे प्रेमपुर लोश्ज्ञानी निवासी जगत सिंह बोरा ने बताया कि 15 दिन पहले उन्होंने सिलिंडर बुक कराया था लेकिन अभी तक उन्हें सिलिंडर नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में एक महीने से गैस वितरण करने वाली गाड़ी नहीं पहुंची है। यह स्थिति प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है।









