इलेक्ट्रिक वाहन- भारत में ईवी बिक्री 24.6% बढ़ी, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेज उछाल

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग FY26 में तेजी से बढ़ी है। कुल ईवी रिटेल बिक्री लगभग 24.52 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 24.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। यह जानकारी मंगलवार को  फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों से सामने आई है।

 

क्या EV बिक्री में तेज उछाल दर्ज हुआ?
FY26 में ईवी बिक्री ने सभी सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन किया।

यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे पारंपरिक ईंधन महंगा हो रहा है।

 

दोपहिया EV सेगमेंट का प्रदर्शन कैसा रहा?
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री FY26 में 14,01,818 यूनिट्स रही, जो FY25 के मुकाबले 21.81 प्रतिशत ज्यादा है।

इस सेगमेंट में ईवी की हिस्सेदारी बढ़कर 6.5 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले साल 6.1 प्रतिशत थी।

 

क्या तीन-पहिया EV अब भी सबसे आगे हैं?
इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।

इस सेगमेंट में बिक्री 8,30,819 यूनिट्स तक पहुंची, जो 18.87 प्रतिशत की वृद्धि है।

अब कुल तीन-पहिया वाहनों में से लगभग 60.9 प्रतिशत ईवी हैं, यानी हर 10 में से 6 वाहन इलेक्ट्रिक हैं।

 

क्या कार सेगमेंट में EV की ग्रोथ सबसे तेज रही?
इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल (कार) सेगमेंट में सबसे तेज वृद्धि देखी गई।

इसकी बिक्री 83.63 प्रतिशत बढ़कर 1,99,923 यूनिट्स हो गई। जबकि ईवी की हिस्सेदारी 2.6 प्रतिशत से बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई।

क्या कमर्शियल EV में भी तेजी आई?
इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की बिक्री दोगुने से ज्यादा बढ़कर 19,454 यूनिट्स हो गई।

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यह 120.57 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि है, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी भी लगभग दोगुनी हो गई।

क्या बढ़ती तेल कीमतों का असर EV पर पड़ा?
भारत अपनी करीब 88 प्रतिशत तेल जरूरत आयात करता है।

ऐसे में वैश्विक तेल कीमतों में बढ़ोतरी देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव डालती है।

ईवी अपनाने से इस निर्भरता को धीरे-धीरे कम करने में मदद मिल रही है।

क्या EV भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम बन रहे हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईवी अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं।

स्कूटर, ऑटो-रिक्शा और कमर्शियल वाहनों जैसे हाई-यूज सेगमेंट में ईवी की बढ़ती हिस्सेदारी से तेल पर निर्भरता घटेगी।

क्या EV अब सिर्फ प्रीमियम सेगमेंट तक सीमित नहीं हैं?
ईवी अब केवल शहरी या प्रीमियम ग्राहकों तक सीमित नहीं रहे।

यह धीरे-धीरे आम लोगों की पसंद बन रहे हैं और देश की ऊर्जा रणनीति का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।

क्या आगे भी EV की ग्रोथ जारी रहेगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में ईवी की ग्रोथ आगे भी जारी रहने की संभावना है।

बढ़ती जागरूकता, सरकारी समर्थन और ईंधन कीमतों में अनिश्चितता के चलते ईवी बाजार लगातार मजबूत हो रहा है।

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