पूरे भारत में बिहार मॉडल अपनाएगा चुनाव आयोग, सभी राज्यों में सूची से हटेंगे मृत मतदाताओं के नाम

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देश में जल्द ही सभी राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण का अभ्यास शुरू होगा, जिसमें बिहार जैसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बिहार में इस अभ्यास के दौरान लाखों मृतक और अवैध नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। चुनाव आयोग का मानना है कि जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार के डाटा को मतदान प्रणाली से जोड़ने से यह समस्या स्थायी रूप से हल हो जाएगी।

बिहार में एसआईआर शुरू होने से पहले राज्य में 7.89 करोड़ मतदाता थे। इस अभ्यास के दौरान एक अगस्त को प्रकाशित प्रारूपित मतदाता सूची में 7.24 करोड़ मतदाता रहे। लगभग 65 लाख नाम हटाए गए, जिनमें 22 लाख मृतक व्यक्ति शामिल थे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि मृतकों में से अधिकांश हाल ही में नहीं मरे थे, बल्कि पहले रिकॉर्ड नहीं किए गए थे।
मतदाता सूची के सुधार में सख्ती
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पहले सामान्य पुनरीक्षण में सभी घरों तक गणना फॉर्म नहीं पहुंचे थे। लोगों द्वारा परिवार में हुई मौत की सूचना न देने पर बूथ लेवल अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं मिल पाती थी। एसआईआर के दौरान प्रक्रिया सख्त होने से मतदान प्रणाली मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं को हटाने में अधिक सतर्क रहेगी।

डाटा लिंकिंग से होगी तेजी
मतदाता सूची को त्रुटि मुक्त और तेज अपडेट करने के लिए अब चुनाव आयोग मृत्यु पंजीकरण डाटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रजिस्टार जनरल ऑफ इंडिया से प्राप्त करेगा। इससे मतदान पंजीकरण अधिकारी को समय पर सूचना मिलेगी और बीएलओ वास्तविक जांच करके जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे।

भविष्य में त्रुटि रहित सूची
अधिकारी ने बताया कि लोगों को अपने परिवार में हुई मौत की जानकारी देने का कोई प्रोत्साहन नहीं होता। लेकिन डाटा लिंकिंग मजबूत होने के बाद मृतक मतदाताओं की उपस्थिति सूची से समाप्त हो जाएगी। आरजीआई और नगरपालिका तथा ग्रामीण निकायों से डाटा लिंकिंग स्थापित होने के बाद मतदाता सूची अधिक त्रुटि-मुक्त बनेगी।

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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने की नई नियुक्तियां 
पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए चुनाव आयोग ने नई नियुक्तियां की हैं। आयोग ने अरुण प्रसाद को राज्य का नया अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी और हरीशंकर पाणिकर को संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है। ये निर्णय गुरुवार को आधिकारिक तौर पर लिया गया। ये नियुक्तियां उस समय की गई हैं जब आयोग अक्तूबर में पश्चिम बंगाल में अपने विशेष सघन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लागू करने की तैयारी कर रहा है। चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से इन दोनों पदों के लिए नामों की सूची मांगी थी। अरुण प्रसाद और हरीशंकर पाणिकर को राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत सूची में से चयनित किया गया।

दोनों अधिकारियों के बारे में जानें 
अरुण प्रसाद 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और पश्चिम बंगाल कैडर से संबंधित हैं। वहीं, हरीशंकर पाणिकर 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। चुनाव आयोग ने खाली डिप्टी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद के लिए भी तीन नए उम्मीदवारों की सूची मांगी है, जिसमें अनुभव को विशेष महत्व दिया गया है। राज्य सरकार आयोग की दिशा-निर्देशों के अनुसार नई सूची तैयार कर भेज रही है। एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि ये नियुक्तियां अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को सुचारू और प्रभावी ढंग से आयोजित करने के लिए जरूरी थीं।

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