अयोध्या में एक तरफ जहां अयोध्या नगर निगम श्रद्धालुओं के लिए सभी बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करता है वही जीरो ग्राउंड पर उसकी हकीकत आज इंडिया न्यूज़ ने अपने कमरे में कैद की आपको बताते चले की कल चंद्र ग्रहण था और हर बार चंद्र ग्रहण के बाद अगले दिन सरयू तट पर लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी संख्या सरयू स्नान के लिए सरयू घाट पर पहुंची लेकिन इस बार उसको घाटों पर पूरी तरह से अव्यवस्था साफ नजर आई श्रद्धालुओं के लिए कपड़ा बदलने की व्यवस्था न होने की वजह से उनको इधर-उधर भटकते देखा गया तो वहीं पर आपदा को अवसर में बदलने वाले भी वहां पर नजर आए जिन्होंने एक छोटा सा टेंट लगाकर उसमें बाकायदा एक कागज चश्पा किया कि कपड़ा बदलने का एक व्यक्ति का ₹10 अब श्रद्धालु मरता क्या ना करता श्रद्धालुओं ने ₹10 देकर कपड़े तो चेंज किया लेकिन अयोध्या नगर निगम को जमकर लताड़ा खूब खरी खोटी सुनाई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस बार की व्यवस्था नगर निगम की पूरी तरह से ध्वस्त है इन तस्वीरों को देखकर सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि अगर कोई गरीब अयोध्या दर्शन पूजन के लिए आया है और उसके जेब में सिर्फ इतने पैसे हैं कि वह रास्ते का किराया प्रसाद का पैसा ही लेकर आया है ऐसे में अगर उसने सरयू स्नान कर लिया तो कपड़े बदलने के नाम पर ₹10 वह कहां से लेकर आएगा ऐसा भी नहीं है कि यह कपड़ा बदलने के नाम पर ₹10 की धन उगाही का काम केवल आज ही हो रहा है यह खेल कई महीने से चल रहा है
आपको बताते चलें कि कई बार ऐसा भी होता है की श्रद्धालु को नहीं पता होता है कि इसमें पैसे लगते हैं और वह इंस टेंट में जाकर कपड़े बदल लेता है और जब उससे पैसे मांगे जाते हैं और वह कहता है कि उसके पास पैसे नहीं है तो इस स्थिति में टेंट के मालिक उसके साथ अभद्रता करते भी देखे जाते हैं अब इस अवैध रूप से धन उगाही के खेल में नगर निगम के जिम्मेदार मिले हैं या नहीं यह तो नहीं कहा जा सकता फिलहाल श्रद्धालुओं की जेब पर लगातार डाका पड़ता नजर आ रहा है जिसका जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ अयोध्या नगर निगम है इस विषय में जब जिम्मेदारों से बात करना चाहा तो हर कोई अपनी जिम्मेदारी से कतराता नजर आया







