अयोध्या- सरयू आरती में पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू, हर दिन के हिसाब से तय किए गए हैं परिधानों के रंग

रामनगरी की शाम अब और भी मनोहारी होने जा रही है। प्रभु श्रीराम की नगरी की पहचान बन चुकी मां सरयू की संध्या आरती अब रंग, अनुशासन और आध्यात्मिक सौंदर्य के नए स्वरूप में दिखाई देगी। आरती की परंपरा को अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए यहां पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है। अब सप्ताह के प्रत्येक दिन पुजारी निर्धारित रंगों के वस्त्र धारण कर आरती संपन्न करेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ सौंदर्य का भी अद्भुत अनुभव होगा।

 

 

संध्या होते ही जब सरयू तट पर दीपों की पंक्तियां जगमगाती हैं, घंटों और शंखनाद की ध्वनि गूंजती है, तब वहां उपस्थित हर मन श्रद्धा से भर उठता है। अब इस दिव्य दृश्य में एकरूप रंगों की छटा भी जुड़ जाएगी। सात बेदियों पर विराजमान पुजारी एक समान वेशभूषा में मां सरयू की आराधना करेंगे, तो आरती का स्वरूप और भी आकर्षक, अनुशासित और अलौकिक प्रतीत होगा।

वहीं, दूसरी तरफ आरती घाट की भी भव्यता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से आरती घाट का सुंदरीकरण कराया गया है। संगमरमर के पत्थरों से सजी नौ वेदियां न सिर्फ सरयू के घाटों की बल्कि सरयू आरती की सुंदरता में इजाफा करती हैं। इसके अलावा यहां लाल पत्थरों से छतरीनुमा आकृति बनाई गई है। सेल्फी पॉइंट भी बनकर तैयार है। घाटों पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झांकी आकर्षण बढ़ाती है।

सातों दिन के लिए रंग निर्धारित
अब तक पुजारी अपनी सुविधा अनुसार वस्त्र धारण करते थे, किंतु नई व्यवस्था के तहत सप्ताह के सातों दिन के लिए रंग निर्धारित किए गए हैं। सोमवार और शुक्रवार को श्वेत वस्त्र पवित्रता और शांति का संदेश देंगे। मंगलवार को भगवा और रविवार को लाल रंग का वस्त्र शक्ति और ऊर्जा की आभा बिखेरेगा। बुधवार को हरा रंग और बृहस्पतिवार को पीतांबर यानी पीला वस्त्र ज्ञान, मंगल और समृद्धि का प्रतीक बनकर आरती को नई छवि देगा। शनिवार को पुजारी नीले रंग का वस्त्र धारण करेंगे।

और पढ़े  मेरठ सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण- बुलडोजर कार्रवाई देख छलके आंसू, पोकलेन मशीन का विरोध, पुलिस फोर्स तैनात
  • Related Posts

    स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर HC सख्त:- DM और मुख्य सचिव को दिया ये आदेश, एक माह में मांगी अनुपालन रिपोर्ट

    हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की परिवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने मुख्य सचिव को जिला स्कूल वाहन सुरक्षा…

    UP में जमीन से बेदखल होने के डर में किसान,जमीन से बेदखल होने के भय में तराई के किसान, पीढ़ियों से खेती कर रहे सिखों का…

    उत्तराखंड बॉर्डर से लखीमपुर खीरी तक फैले तराई के विशाल कृषि क्षेत्र में इन दिनों गहरी बेचैनी है। देश का बंटवारा, 84 के दंगे और आतंकवाद का दौर सह चुके…