खूंखार पाकिस्तानी आतंकी जुबैर:- 20 दिन, जंगल और जंग- आखिरकार ढेर हुआ जैश का जुबैर, हर ठिकाना बदला..लेकिन बच न सका

Spread the love

 

 

णतंत्र दिवस से पहले सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी जुबैर को ढेर कर दिया है। जवान 20 दिन से जंगल को खंगाल रहे थे। खराब मौसम के बीच सटीक खुफिया जानकारी व रणनीति से सुरक्षाबलों को यह सफलता मिली है।

जैश का खूंखार आतंकी जुबैर एम4 कार्बाइन राइफल से लैस था। इस बात की तस्दीक नजोत में पुलिस को मिले आतंकी ठिकाने से बरामद कारतूस के खोखों से हो गई थी। घात लगाकर हमला करने में माहिर इस आतंकी को बिना अपना नुकसान हुए ढेर करना सबसे बड़ी चुनौती थी। ऐसे में सुरक्षाबल बीस दिनों से लगातार जुबैर की तलाश में जंगलों का चप्पा-चप्पा खंगाल रहे थे। जुबैर उधमपुर और कठुआ जिले के सीमावर्ती इलाके में छिपा हुआ था। सुरक्षाबलों से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा लेकिन इस बीच मानवीय सूचना तंत्र ने भी बेहतरीन काम किया।

 

खुफिया सूत्रों के अनुसार जुबैर इस ठिकाने को भोजन के लिए इस्तेमाल करता रहा। इस बार भी नजोत और कालाबन के ठिकानों का भंडाफोड़ होने के बाद जुबैर अपने अगले ठिकाने तक पहुंच गया। आतंकियों ने बिलावर के धनु परोल और इससे सटे इलाकों में पिछले दो साल में कई आतंकी ठिकाने तैयार कर लिए थे लेकिन इस बार सुरक्षाबलों के पास समय पर और सही जानकारी थी। सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक छोटी से टुकड़ी ने बड़े ही पेशेवर तरीके से अभियान को अंजाम दिया। सुरक्षाबलों के पहुंचने की भनक तक आतंकी को नहीं लग पाई। जैसे ही उसने खुद को घिरा हुआ पाया, गोलीबारी शुरू कर दी। इस बीच सुरक्षाबलों ने कार्रवाई कर उसे ढेर कर दिया। 

और पढ़े  किश्तवाड़-डोडा में भारी बारिश: भीषण बाढ़ से मची तबाही, वाहन मलबे में फंसे, पावर प्रोजेक्ट को नुकसान

छह आतंकवादी हमलों में शामिल था जुबैर
जैश के पाकिस्तानी आतंकी जुबैर ने 2024 से अब तक छह आतंकी हमले किए हैं। एसएसपी मोहिता बताती हैं कि इन हमलों में आम नागरिकों की मौत के साथ ही बल के जवान भी शहीद हुए हैं। पिछले दो माह से वह बिलावर व उधमपुर से सटे इलाके में सक्रिय था। सुरक्षा बलों को इसके मूवमेंट की कई बार जानकारी मिली। इसके बाद इलाके में घेराबंदी और चौकसी बढ़ाई गई। गत सात व 13 जनवरी को बिलावर के नजोत और कालाबन धनु परोल में इस आतंकी को घेरा था। दोनों बार गोलीबारी शुरू होते ही वह इलाके की भौगाेलिक परिस्थितियों और मौसम का फायदा उठाकर भाग निकला था। इस बार खुफिया जानकारी मिलते ही सुरक्षाबलों ने ऐसा धावा बोला कि उसे भागने का मौका नहीं मिल सका।

सात जनवरी से उसकी सरगर्मी से हो रही थी तलाश
एसएसपी ने बताया कि 7 तारीख को मुठभेड़ के बाद जब जुबैर भाग निकला, तो हमने इस पूरे वन क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी रखा। इस अभियान के दौरान, उससे हमारा कड़ा सामना हुआ और तीन ठिकाने भी नष्ट कर दिए गए। शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे हमें एक और विशिष्ट सूचना मिली। यह सूचना परहेतर गांव से थी, जिसमें बताया गया था कि वह एक घर में है और उसने कुछ नागरिकों को बंधक बना रखा है।

हमने तुरंत अपनी टीम को वहां भेजा और हमारे सीआरपीएफ और सेना के जवान भी हमारे साथ थे जिन्होंने घेरा बना लिया था। फिर, जम्मू-कश्मीर पुलिस (जेकेपी) की एक छोटी टीम ने बहादुरी का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए, पहले नागरिकों को वहां से निकाला और फिर सीधे घर में घुस गई। उन्होंने उसका हथियार छीन लिया और उसे गोली मार दी। स्थिति पूरी तरह से युद्ध जैसी हो गई थी और उसने अंदर से पहले गोली चलाई थी। उन्होंने कहा कि वह बेहद खूंखार और कमांडर स्तर का आतंकवादी था।

और पढ़े  जम्मू-कश्मीर- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक रहीं जम्मू में प्रतिबंधित किताबें, बीते साल एलजी प्रशासन ने लगाई थी रोक

इलाके में कड़ा पहरा 
मुठभेड़ स्थल व आसपास के जंगलों में सुरक्षा बलों ने घेराबंदी और कड़ी कर दी है। पुलिस आतंकियों के कुछ और ठिकानों की तलाश है। जम्मू संभाग के पहाड़ी जिलों में आतंकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं। कठुआ के पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड और खराब दृश्यता के बावजूद सुरक्षा बलों ने विदेशी आतंकी को मार गिराया।


Spread the love
  • Related Posts

    किश्तवाड़-डोडा में भारी बारिश: भीषण बाढ़ से मची तबाही, वाहन मलबे में फंसे, पावर प्रोजेक्ट को नुकसान

    Spread the love

    Spread the love जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और डोडा जिले में सोमवार को भारी बारिश के बाद अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव के साथ आए…


    Spread the love

    जम्मू-कश्मीर- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक रहीं जम्मू में प्रतिबंधित किताबें, बीते साल एलजी प्रशासन ने लगाई थी रोक

    Spread the love

    Spread the loveजम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित किताबें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धड़ल्ले से बिक रही हैं। जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने और आतंक को महिमामंडित करने के नाम पर जिन 25…


    Spread the love