दिव्यांग पत्नी और पति का कत्ल..2 साल की मासूम को भी मार डाला, पुलिस बनी मजदूर तब पकड़ा गया कातिल

 

तिहरे हत्याकांड के फरार आरोपी करीम उर्फ बुंदा पर हाल ही में अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई थी। पुलिस ने करीम के बारे में अलीगढ़ से जानकारी जुटाई। इसके अलावा आगरा के साथ ही फिरोजाबाद व हाथरस में उसकी तलाश की। उसके कुछ परिचित मिले, जिन्होंने बताया कि करीम मजदूरी करने के लिए अलीगढ़ के भोजपुर में खड़ा होता है। इस पर पुलिस भी मजदूर बन गई। पुलिसकर्मी चप्पल और नेकर पहनकर खड़े रहने लगे। इस दाैरान साथियों ने उसकी पहचान कराई। पुलिस ने उसका पीछा शुरू कर दिया। इस पर उसने एक महीने पहले अपना किराये का घर बदल दिया। सोमवार को करीम सिकंदरा के सुनारी गांव के पास काम करने आया था। तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि करीम को पकड़ना आसान नहीं था। पुलिस के पास उसकी फोटो नहीं थी। पुलिस केस में चार्जशीट लगा चुकी थी। तीन को सजा भी हो गई थी मगर इनामी अपराधियों की लिस्ट में अब भी करीम का नाम था। उसकी तलाश के लिए टीम लगी। पुलिस ने सबसे पहले उसके रिश्तेदारों के बारे में पता किया।

हाथरस में उसके गांव में जाने पर प्रधान ने बताया कि करीम की मृत्यु हो गई है। वह लिखकर देने के लिए भी तैयार हो गया। वहीं फिरोजाबाद में उसकी बहन से पुलिस ने संपर्क किया। वह भी भाई की मृत्यु के बारे में बताने लगी। जब उसके पत्नी और बच्चों के बारे में पूछा तो कुछ जवाब नहीं दिया। इस पर पुलिस ने उसके घर के आसपास जाल बिछा दिया। बाद में पता चला कि करीम जिंदा है। इस पर थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार त्रिपाठी, एसआई अभिषेक तिवारी, एसआई नीलेश कुमार शर्मा सहित अन्य टीम लगाई थी।

हर दो महीने में बदल देता था किराये का घर
पुलिस की पूछताछ में करीम ने बताया कि उसने अपना नाम अब्दुल करीम कर लिया था। पिता के नाम के आगे भी अब्दुल लगा लिया था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सके। इसके साथ ही घर से निकलने पर मुंह पर कपड़ा लगा लेता था। यह तब तक नहीं उतारता था, जब तक घर वापस नहीं आ जाए। गांव और बहन के पास भी जाना बंद कर दिया। उसके तीन बेटियां और एक बेटा है। वह हर दो महीने में किराये का घर भी बदल देता था। इस वजह से उसे कोई पकड़ नहीं पा रहा था। उसने बताया कि अनवर ने हत्या के लिए सुपारी दी थी। तब उसे रुपयों की जरूरत थी। इसलिए घटना वाली रात में अनवर के घर पहुंचे थे। उसने अपने साथी के साथ मिलकर हत्या की थी।
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