धराली आपदा में जिंदगी की तलाश जारी है। आपदा को एक हफ्ता हो गया है। वहीं, मौसम की चुनौती के बीच आज रेस्क्यू के लिए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व जिला प्रशासन ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं।
यूपी और बिहार समेत नेपाल के लोग भी लापता
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि आपदा में 43 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी। जिनमें से धराली गांव के एक युवक आकाश पंवार का शव बरामद हुआ है। मृत युवक के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। शेष लापता 42 लोगों में नौ सेना के कार्मिकों के साथ ही धराली गांव के आठ और निकटवर्ती क्षेत्रों के पांच लोग शामिल हैं। टिहरी जिले का एक, बिहार के 13 और उत्तर प्रदेश के छह व्यक्ति भी लापता बताए गए हैं। इनके अतिरिक्त 29 नेपाली मजदूरों के लापता होने की भी सूचना मिली थी, जिनमें से मोबाईल नेटवर्क बहाल होने के बाद पांच व्यक्तियों से संपर्क हो चुका है। शेष 24 मजदूरों के संबंध में उनके ठेकेदारों से अधिक विवरण नहीं मिल पाया है। संबंधित ठेकेदारों को कहा गया है कि इन मजदूरों को जहां से लाया गया है, वहां से उनके मोबाइल नंबर तथा अन्य जानकारी प्राप्त की जाय। ऐसा माना जा रहा है कि अभी तक सकुशल मिले पांच मजदूरों की तरह शेष अन्य मजदूर भी अन्यत्र जा सकते है। केदारनाथ आपदा के दौरान भी लापता बताए गए कई लोग प्रभावित क्षेत्र से वापस अपने घर पहुंच चुके थे। अन्य राज्यों के लापता लोगों के घरों का पता जुटाकर भी उनकी खोज-खबर का प्रयास किया जा रहा है। इन लोगों के बारे में अंतिम वस्तुस्थिति एक-दो दिन में साफ होने की उम्मीद है।
हर्षिल घाटी में बारिश के कारण रोका बचाव कार्य
हर्षिल घाटी में दोपहर बाद तेज बारिश शुरू हो गई। राहत बचाव कार्य में बारिश बाधा बनी, जिसके चलते काम रोकना पड़ा।
विधानसभा अध्यक्ष ने आपदा राहत के लिए दिया एक माह का वेतन

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने मानवीय संवेदनाओं और कर्तव्यबोध का परिचय देते हुए अपना एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया। उन्होंने इससे सबंधित पत्र विधानसभा सचिव को सौंपा।
आपदा प्रभावित परिवारों को मिली सहायता राशि
प्रदेश सरकार की ओर से धराली में आपदा प्रभावित 98 परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए। यह वितरण गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश सिंह चौहान द्वारा किया गया।








