अयोध्या: अस्थायी मंदिर का इतिहास भी जान सकेंगे श्रद्धालु। 

 

 

अब अस्थायी मंदिर का इतिहास भी जान सकेंगे श्रद्धालु। रामलला के दिव्य दर्शन को आने वाले श्रद्धालु अब न केवल भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर का वैभव देख सकेंगे बल्कि वे उस संघर्ष और साधना के कालखंड से भी होंगे रूबरू, जब प्रभु श्री रामलला टेंट में थे विराजमान। रामलला के अस्थाई मंदिर का इतिहास अब स्थाई रूप से किया जाएगा अंकित। अस्थाई मंदिर को एक धार्मिक स्मृति स्थल के रूप में संरक्षित करने की योजना पर हो रहा है काम। अस्थाई मंदिर परिसर में बनाई जाएगी एक विशेष दीर्घा। जिसमें चित्रों,अभिलेखो एवं डिजिटल माध्यमों से बताया जाएगा कि कैसे विषम परिस्थितियों में रामलला टेंट में विराजे रहे, फिर कैसे अस्थाई मंदिर में नित्य आरती पूजन और दर्शन की परंपरा चली। यहां पुजारियों, सेवको और सुरक्षा बलों के योगदान को भी किया जाएगा रेखांकित। टीकवुड यानी सागौन की लकड़ियों से किया जाएगा अस्थाई मंदिर का निर्माण। महाराष्ट्र और अन्य प्रांतों से आएंगी लकड़ियां। अस्थाई मंदिर निर्माण के लिए अभी नींव खुदाई का चल रहा है कार्य।

और पढ़े  वाराणसी- दर्दनाक हादसा: ट्रक ने स्कॉर्पियो में मारी टक्कर, 4 की मौत, चार घायल
  • Related Posts

    अयोध्या- विसर्जन में विधायक की झंडी ने बढ़ाई सियासी हलचल, भाजपा के भीतर शुभ-अशुभ के चर्चे तेज

          पूर्व महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा के सोशल मीडिया पर चल रही है फोटो दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर जीआईसी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस…

    शिवा शर्मा हत्याकांड में मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार,फरार होने के बाद बदलती रही लोकेशन

    श्रद्धा दुबे आखिरकार गिरफ्तार हो गई। 9 अक्तूबर की रात में शिवा शर्मा की मौत की खबर आती है। यह घटना उसी के फ्लैट में हुई थी। इसके बाद से वह…