बृहस्पतिवार को जब दिल्ली पुलिस जांच के लिए यहां आई तो उसे भी तंत्र कक्ष में दीवार पर काले रंग से बने तीन रहस्यमयी काले प्रतीकों पर ये मालाएं टंगी मिली हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि उसने इन हत्याओं को किसी तांत्रिक अनुष्ठान की तरह अंजाम दिया।
हत्याकांड से एक सप्ताह पहले कमरुद्दीन आया था फिरोजाबाद
दिल्ली में 8 फरवरी को उसने वारदात को अंजाम दिया था। इससे पहले वह फिरोजाबाद आया था। घर में रहने वाले किराएदार दबी जुबां में बोले, दिल्ली हत्याकांड से एक सप्ताह पहले कमरुद्दीन आया था।
20 साल पहले टेंट-शटरिंग वाले से बना तांत्रिक
कमरुद्दीन के पड़ोसी बताते हैं कि उसके पिता भी नसरुद्दीन भी यहीं रहते थे। उस वक्त परिवार गरीब था। कमरुद्दीन चार भाई हैं। कमरुद्दीन ने शुरुआत में टेंट और शटरिंग का काम किया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 20 साल पहले उसने बसई मोहम्मदपुर स्थित एक दरगाह पर जाना शुरू किया, जिसके बाद वह पूरी तरह तंत्र-मंत्र की दुनिया में उतर गया। धीरे-धीरे उसने तांत्रिक के रूप में अपनी पहचान बनाई और लोगों को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया।
जुटाई अकूत संपत्ति फिर सात साल पहले गाजियाबाद को बनाया नया ठिकाना
तंत्र-मंत्र के काले कारोबार और धार्मिक कट्टरपंथ से कमरुद्दीन ने फिरोजाबाद में करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली। उसने अजमेरी गेट पर ही तीन मकान बना लिए, जिनमें उसके पांच बेटों के परिवार और किराएदार रहते हैं। इसके अलावा एक मैरिज होम बना लिया।
अपनी बढ़ती गतिविधियों और रसूख को फैलाने के लिए उसने सात साल पहले गाजियाबाद के लोनी में अपना नया ठिकाना बनाया। पड़ोसियों के अनुसार, कमरुद्दीन के यहां ज्यादा लोगों का आनाजाना शुरू हुआ तो उसने पड़ोसियों से बात करना बंद कर दिया। पड़ोसियों से अपने काम के बारे में कुछ भी नहीं बताता था।
प्रशासन के निशाने पर संपत्ति के स्रोत
स्थानीय प्रशासन कमरुद्दीन के द्वारा जुटाई गई संपत्ति के बारे में जानकारी जुटा रहा है। एलआईयू व अन्य खुफिया एजेंसियां भी उसके बारे में डिटेल जुटाने में सक्रिय हैं। उसके परिजन, रिश्तेदार, किराएदारों की हरकतों पर भी निगाह रखी जा रही है।
यह था मामला
नई दिल्ली के बाहरी जिला पुलिस ने पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा करते हुए एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह सुनियोजित साजिश थी, जिसमें पैसों के लिए तीन लोगों को जहर देकर मार दिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमरुद्दीन उर्फ बाबा, निवासी फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। यह गाजियाबाद के लोनी और फिरोजाबाद में तांत्रिक केंद्र चला रहा था। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने पहली मुलाकात में शॉल से पैसे निकालने जैसा करतब दिखाकर धनवर्षा का दावा किया और भरोसा दिलाया कि वह उनके पैसों को तांत्रिक क्रिया के जरिये कई गुना बढ़ा सकता है।
कार में अचेत अवस्था में पड़े थे महिला समेत तीन लोग
डीसीपी सचिन शर्मा के मुताबिक 8 फरवरी को पीसीआर कॉल के जरिये पश्चिम विहार ईस्ट थाने को सूचना मिली कि एक सफेद कार में तीन लोग अचेत अवस्था में पड़े हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार से 76 वर्षीय रणधीर (बापरोला), 42 वर्षीय शिव नरेश (नगली डेयरी) और 40 वर्षीय लक्ष्मी (जहांगीरपुरी) को बरामद किया।
तीनों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कार की तलाशी में शराब की बोतलें, कोल्डड्रिंक, खाली गिलास, मोबाइल फोन, हेलमेट, जैकेट और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। परिजनों ने आत्महत्या की संभावना से इनकार करते हुए संदेह जताया था। जांच में पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और लोकेशन डेटा की मदद से पाया कि तीनों मृतक कमरुद्दीन नामक तांत्रिक के संपर्क में थे।
कार में ही खिलाया जहर वाला लड्डू्
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने धनवर्षा के नाम पर विशेष तांत्रिक क्रिया कराने का झांसा दिया और उनसे दो लाख रुपये नकद, शराब व कोल्डड्रिंक लाने को कहा। तकनीकी साक्ष्यों से यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन तीनों लोनी गए थे और आरोपी के संपर्क में रहे। पुलिस का दावा है कि आरोपी लोनी से उनकी कार में सवार हुआ और पीरागढ़ी तक साथ आया। रास्ते में उसने लड्डू में जहर मिलाकर उन्हें शराब और कोल्डड्रिंक के साथ सेवन कराया था।