ऐतिहासिक लाल किले के बाहर हुए धमाके से इलाके में चीख-पुकार मच गई। धमाका इतनी तेज था कि लोगों की आंखें बंद हो गईं और कुछ देर तक किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। घटना के बाद सड़क पर धुआं फैल गया और कई वाहनों में आग लग गई। चश्मदीदों के अनुसार, धमाके के बाद जब आंखें खुलीं तो चारों तरफ धुएं का गुबार था और गाड़ियों का मलबा और शरीर के टुकड़े और सड़क पर खून बह रहा था। कुछ लोग घायल अवस्था में सड़क पर पड़े दिखे, जिन्हें राहगीरों ने तत्काल मदद पहुंचाने की कोशिश की और एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही घायलों को ई-रिक्शा की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
हर तरफ टूटे शीशे और शरीर के टुकड़े फैले थे
धमाके के बाद पूरी सड़क में धुआं फैला था, खरीदारों और वाहन चालकों के वाहन और उनके जले सामान पड़े थे, अग्निशमन कर्मी वाहनों से निकलते लपटों पर काबू पाने की कोशिश कर रहे थे। हवाओं में जलने की तेज दुर्गंध थी। हर ओर टूटे शीशे, उपकरण, लोगों के जूते चप्पल, खून और मांस के टुकड़े 100 मीटर दूर तक बिखरे थे। रेहड़ी-पटरी वालों के खाने-पीने के सामान, पानी की बोतलें बिखरी हुई थीं। आग बुझाने वाले पानी में मिलकर खून सड़कों पर बह रहा था। कारें, दोपहिया वाहन, ई रिक्शा समेत ऐसे जलकर खाक हुए थे कि उनकी पहचान मुश्किल है।
कार के ऊपर गिरा धमाके से उड़ा टुकड़ा
मूलरूप से यूपी के रामनगर के रहने वाले बलबीर सिंह अपनी वैगनआर कार से जामा मस्जिद की तरफ जा रहे थे। इस दौरान अचानक से गाड़ी के आगे ब्लास्ट हुआ और एक गाड़ी का मलबा उनकी कार के ऊपर आकर गिरा जिससे उनकी गाड़ी आगे से क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने कहा कि धमाका पहले एक हुआ उसके बाद कई गाड़ियां टकराने और उनसे हुए कई छोटे धमाके सुनाई दिए, जिससे पूरी सड़क में धुआं और मलबा फैल गया।
सवारी समेत कई फुट उछला ई-रिक्शा
ई-रिक्शा चलाने वाले यासीन हुसैन ने बताया कि धमाके के समय उनके रिक्शे में तीन सवारियां बैठी थीं। लेकिन धमाके से उनका रिक्शा पीछे से कई फुट ऊपर उछल गया। उनकी आंखें और कान बंद हो गए। आंखें खुलीं तो वह जमीन पर पड़े थे और सवारियों का पता नहीं था। उन्होंने बताया कि कई घंटे बाद भी धमाके की तेज आवाज से उनके सिर में दर्द है, जिससे वह ज्यादा बात करने की हालत में नहीं हैं।
दूसरी लेन की गाड़ियां भी हुईं क्षतिग्रस्त
लाल किले के सामने सवारी का इंतजार कर रहे शाहरुख की गाड़ी भी इस धमाके की शिकार हुई। उनकी गाड़ी करीब दो फुट ऊपर उछल गई। इससे गाड़ी के एयरबैग भी खुल गए थे और शीशे भी टूट गए हैं। वह बताते हैं कि उन्होंने देखा कि चारों तरफ आग और धुआं था, जिसमें कई लोग घायल अवस्था में पड़े थे।
बाइक-ऑटो से घायलों को पहुंचाया अस्पताल
फैजान ने बताया कि उन्होंने देखा तो दिल दहल गया, चारों तरफ खून ही खून था। सोचा बस मदद करनी है। वहीं मंजूर नाम के एक युवक ने कहा कि वे तीन दोस्त मिलकर घायलों को अपनी बाइक पर एलएनजेपी ले गए। एंबुलेंस आने का इंतजार नहीं किया। मौके पर लोग घायलों को पट्टियां बांधते, पानी पिलाते और फोन की फ्लैश लाइट से घायलों को निकालते देखे गए। धर्मेंद्र ने बताया कि वह गेट नंबर एक के पास थे। चलती गाड़ी में धमाका हुआ। गाड़ी इतनी ऊंची हवा में उछली थी कि देखने लायक था। वह पूरी तरह से घबरा गए थे, लेकिन लोग खून से लथपथ थे। मैंने उन्हें ऑटो में रखा और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
एक सिर हवा में फुटबॉल की तरह उड़ा
जोरदार धमाका हुआ.. पूरा बाजार दहल उठा। चीख-पुकार के बीच धमाके की दिशा की ओर लोगों ने देखा तो आग के गुबार के बीच एक सिर हवा में फुटबॉल की तरह उड़ता नजर आया। देखते ही देखते कई कारों और अन्य वाहनों में आग लग गई। कुछ ही देर में पूरा चांदनी चौक बाजार खाली हो गया। पुलिस, दमकल और एंबुलेंस के सायरन बजने लगे। दिल्ली में लाल किले के पास धमाके के वक्त मौजूद रोहिणी निवासी अतुल कश्यप ने यह भयावह मंजर बयां किया।
इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने के लिए अतुल सोमवार शाम लालकिले आए थे। उसने बताया कि सामान खरीदने के बाद घर जाने के लिए निकले ही थे कि करीब 500 मीटर दूर जोरदार धमाका हुआ। ऐसा लगा जैसे भूकंप आया और पूरा बाजार हिल गया। वाहनों व दुकानों के शीशे चटकने की आवाज आने लगी। धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के सामने हुआ। अतुल ने बताया कि धमाके के बाद डीटीसी की नीले रंग की बस में आग लग गई। बस में सवार लोग चीखते हुए बाहर भागे। राहुल रात करीब नौ बजे तक मौके पर रुका था। उसने दावा किया कि 50 से 60 एंबुलेंस लोगों को ले जा चुकी थीं।
हर तरफ बिखरे थे शवों के चीथड़े
प्रत्यक्षदर्शी अमित मुद्गल ने बताया, हर तरफ शवों के चीथड़े बिखरे थे। आसमान में आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थीं। मैं खड़े होकर किसी से बात रहा था तभी धमाका हुआ और एक आदमी का कटा हाथ मेरे पीछे आकर गिरा। इस पर कमीज का कुछ हिस्सा भी फंसा था। अमित ने बताया कि कई दुकानों के शीशे, यहां तक कि पास के मेट्रो स्टेशन के शीशे भी टूट गए।
मंजर देख रूह कांप गई
प्रत्यक्षदर्शी राहुल ने बताया कि धमाका और चीख-पुकार सुनकर घबराहट हो गई। धमाके में अलग हुआ सिर पास में मौजूद कार में सवार किसी व्यक्ति का था। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी दीपक ने कहा, चारों तरफ भयावह मंजर था, जिसे देखकर रूह कांप गई।
कार की स्टीयरिंग भी उड़ती दिखी
जामा मस्जिद के पास गोलगप्पे की दुकान चलाने वाले मनोज ने कहा कि उन्होंने एक किलोमीटर से भी ज्यादा दूर धमाके की आवाज सुनी। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी भूपिंदर सिंह ने कहा कि धमाका ठीक उसी समय हुआ जब ट्रैफिक सिग्नल हरा हुआ। इरफान ने बताया, हमने धमाके के बाद कटे हुए हाथ, अंगुलियां और यहां तक कि एक कार का स्टीयरिंग व्हील भी उड़ते देखा।









