दिल्ली सोमवार शाम भीषण धमाके से दहल उठी। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास भीड़ भरे इलाके में कार में हुए जोरदार धमाके में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हो गए। धमाके से कई गाड़ियों में आग लग गई।
प्रारंभिक जांच में आतंकी हमले की आशंका जताई जा रही है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि चपेट में आए लोगों के शरीर के हिस्से काफी दूर तक जाकर गिरे। आस-पास खड़ी गाड़ियों के शीशे भी टूट गए। धमाके की आवाज ढाई किलोमीटर दूर आईटीओ चौराहे तक सुनी गई। इस बीच, अमेरिका ने धमाके की जांच में मदद की पेशकश की है।
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि लाल किले के पास सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर आई-20 गाड़ी में धमाका हुआ। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बताया, धमाका धीमी गति से चल रही कार में शाम करीब 6:52 बजे हुआ। शुरुआती जांच के अनुसार, कार में तीन लोग सवार भी थे।
पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। एनएसजी, एनआईए, एफएसएल, दिल्ली पुलिस, खुफिया ब्यूरो की टीमें जांच में जुटी हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। दमकल की दस गाड़ियों ने शाम 7:30 बजे तक आग पर काबू पा लिया। दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया, आग में छह कारें, दो ई-रिक्शा व एक ऑटोरिक्शा जलकर राख हो गए। घायलों को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिस कार से हुआ धमाका, वह कई बार बिकी… पुलवामा से भी जुड़े तार
जिस कार एचआर-26-सीई 7674 से धमाका हुआ, उसका रजिस्ट्रेशन गुरुग्राम, हरियाणा निवासी सलमान के नाम है। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बताया कि कार ओखला निवासी देवेंद्र को बेच दी थी। देवेंद्र ने उसे अंबाला में किसी तीसरे को बेच दिया। वहां से कार पुलवामा निवासी तारिक को बेच दी गई थी। पुलवामा में 2019 में आतंकियों ने इसी तरह एक वाहन में विस्फोटक भरकर धमाका किया था, जिसमें 40 जवान बलिदान हुए थे। सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ है कि कार तीन घंटे पार्किंग में खड़ी रही थी।









