अपराध से अर्जित संपत्ति घोषित
इन संपत्तियों का स्वामित्व अल-फलाह ट्रस्ट के पास है, जिन्हें ईडी ने ‘अपराध से अर्जित आय’ की श्रेणी में रखा है। बता दें कि इस बात की खबर पहले से ही सामने आ रही थी कि ईडी इन संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी में है।
छात्रों से कथित धोखाधड़ी का आरोप
जवाद सिद्दीकी को ईडी ने नवंबर में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों के पास आवश्यक और वैध मान्यता नहीं थी, इसके बावजूद छात्रों और अभिभावकों को गुमराह कर उनसे फीस वसूली गई।
पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल
ईडी ने जवाद सिद्दीकी और अल-फलाह ट्रस्ट के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। दोनों को आरोपी बनाते हुए एजेंसी ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अभियोजन की मांग की है।
छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो
अधिकारियों ने बताया कि पीएमएलए के तहत कुर्की का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि अपराध से अर्जित संपत्ति को बेचा या हस्तांतरित न किया जा सके। साथ ही, कुर्की के अंतिम रूप लेने के बाद सरकार द्वारा नियुक्त रिसीवर को विश्वविद्यालय के प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, ताकि छात्रों की शिक्षा प्रभावित न हो।
415 करोड़ से अधिक की कथित अवैध कमाई
ईडी का दावा है कि सिद्दीकी के निर्देश पर विश्वविद्यालय और उससे जुड़े ट्रस्ट ने फर्जी मान्यता और मान्यता संबंधी झूठे दावों के आधार पर छात्रों और अभिभावकों को धोखे में रखकर कम से कम 415.10 करोड़ की ‘अपराध से अर्जित आय’ हासिल की।
लालकिला धमाके से कड़ी
यूनिवर्सिटी से जुड़े एक डॉक्टर, डॉ. उमर पर आरोप है कि वह 10 नवंबर को विस्फोटकों से भरी कार चलाते हुए आत्मघाती हमलावर बना और लालकिला के बाहर हुए धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई।