देहरादून- बढ़ेगी विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली और बौना पेंशन, मंत्री ने दिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

प्रदेश में विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली और बौना पेंशन बढ़ेगी। समाज कल्याण मंत्री खजानदास के मुताबिक विधवा और दिव्यांग पेंशन को 1500 से बढ़ाकर 1875 रुपये किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बौना पेंशन व तीलू रौतेली पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1500 रुपये किए जाने का प्रस्ताव है।

समाज कल्याण मंत्री ने विधान सभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय मंत्री ने कहा, दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने के लिए भी अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी तरह की गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह ध्यान रखा जाए कि जरूरतमंद लाभार्थी छात्रवृत्ति योजनाओं से वंचित न रहे।

उन्होंने विभाग की संचालित अनुदान योजनाओं समीक्षा करते हुए कहा, छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित सत्यापन के तरीके को और सुदृढ़ बनाया जाए। राजकीय औद्योगिक संस्थानों में नए ट्रेड शुरू किए जाएं और इनमें अनुभवी शिक्षकों, प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए।


 

मंत्री ने डॉ. बीआर अंबेडकर अनुसूचित जाति छात्रावास की समीक्षा करते हुए कहा, अगले तीन महीने के भीतर बालिका इंटर कॉलेज मसूरी के छात्रावास भवन का पुनर्निर्माण कार्य पूरा करते हुए इसी साल सितंबर से इसका संचालन शुरू किया जाए। पेंशन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं की आय सीमा 4000 से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए। अंतरजातीय विवाह में सामान्य जाति की विधवा एवं एससी-एसटी परिवारों को दिए जाने वाली शासकीय सहायता की समय सीमा वित्तीय वर्ष न रखते हुए 365 दिन (डेट टू डेट) की अवधि किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

और पढ़े  रुड़की: हथियार सप्लाई की सूचना पर दौड़ी पुलिस, घेराबंदी कर तेज रफ्तार कार पर किया फायर, हिरासत में लिया आरोपी

बैठक में विभागीय मंत्री ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत संचालित आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा में कहा, इस तरह की योजनाओं को विभाग बढ़ावा दे। जिससे जनकल्याण का प्रयास पूरा हो सके। मंत्री ने राष्ट्रीय वयो श्री योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किए जाने वाले मुफ्त सहायक उपकरणों जैसे छड़ी, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा आदि का प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। दिव्यांग कल्याण योजना के तहत कार्यों पर मंत्री ने निर्देश दिए कि 13 जिलों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जाए। बैठक में सचिव श्रीधर बाबू, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, निदेशक संदीप तिवारी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया आदि मौजूद रहे।

  • Related Posts

    नैनीताल: पोषण की कम़ी से नहीं बढ़ रही नौनिहालों की लंबाई, आंगनबाड़ी के बच्चों की लंबाई-वजन पर चिंता

    नैनीताल जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों के शारीरिक विकास के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। अगस्त की पोषण ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, पांच वर्ष तक के 44,224 बच्चों की…

    चमोली: हेमकुंड साहिब के बाद शीतकाल के लिए बंद हुए लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट, हुई बर्फबारी

    हेमकुंड साहिब के बाद आज नवरात्रि के पावन अवसर पर लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी शीतकाली के लिए बंद हो गए हैं। सुबह 7.15 मिनट पर मंदिर के कपाट विधि विधान के साथ…