देहरादून: बिगड़ा रहेगा मौसम, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन का अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी

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त्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन की संभावनाओं को दृष्टिगत जिलाें को सतर्क किया है। रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान के जारी पूर्वानुमान के अनुसार (मंगलवार शाम पांच से बुधवार शाम पांच बजे तक) प्रदेश के विभिन्न ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी एवं हिमस्खलन की आशंका है। डीजीआरई की जारी चेतावनी के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग जिले को नारंगी श्रेणी (श्रेणी-तीन) में रखा गया है। इस श्रेणी में अधिकांश हिमस्खलन मार्गों पर गहरी व अस्थिर बर्फ जमी रहती है। इसके कारण प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना रहती है।

 

ऐसे हिमस्खलन मध्यम आकार में घाटी तल तक पहुंच सकते हैं। वहीं पिथौरागढ़ जिले को पीले रंग की श्रेणी (श्रेणी-2) में रखा गया है। इस श्रेणी में कुछ हिमस्खलन मार्गों पर अस्थिर बर्फ पाई जाती है। सीमित क्षेत्रों में छोटे आकार के प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना बनी रहती है।

बागेश्वर जिले को हरे रंग की श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है। इस श्रेणी में सामान्यतः स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रहती है, हालांकि कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर बर्फ की अस्थिरता पाई जा सकती है। इस संबंध में सचिव, आपदा प्रबंधन व पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर सतत निगरानी बनाए रखें, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता सुनिश्चित करें।

 

स्कूलों में छुट्टी

बर्फबारी की चेतावनी को देखते हुए उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।

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चारों धामों में फिर हुई बर्फबारी

प्रदेश में मंगलवार को एक बार फिर मौसम बदला और जमकर बर्फबारी व बारिश हुई। चमोली जिले के बदरीनाथ धाम, जोशीमठ और औली में बर्फ की चादर बिछ गई। वहीं रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम, तुंगनाथ और मद्महेश्वर घाटी सहित सभी ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ छा गई। वहीं निचले इलाकों में दिनभर बारिश होने से ठंड बढ़ गई। उत्तरकाशी जिले में मंगलवार दोपहर बाद गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी बर्फबारी शुरू हो गई है। जिससे लोगों के लिए दुश्वारी का दूसरा दौर शुरू हो गया है। तमाम जगह शुक्रवार की बर्फबारी से बिजली पानी की बाधित हुई आपूर्ति अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं, ऐसे में इस बर्फबारी ने दिक्कत और बढ़ा दी है। नीती घाटी के कोषा और गमशाली गांव में बर्फीले तूफान से घरों की टिन की छतें उड़ गईं। हालांकि नई टिहरी में मंगलवार दोपहर दो बजे बूंदाबांदी शुरू होने के बाद लोगों को शाम तक फिर से बर्फ गिरने की उम्मीद थी लेकिन हल्की बारिश ही होती रही। पर्यटन नगरी धनोल्टी, सुरकंडा मंदिर क्षेत्र आदि ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड हो गई। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में दिनभर रुक-रुक बारिश होती रही। उधर, मसूरी में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

 

कल भी बिगड़ा रहेगा मौसम, बारिश-बर्फबारी के आसार

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को भी प्रदेश भर में मौसम बिगड़ा हुआ रहेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के साथ मैदानी इलाकों हल्की बारिश होने की संभावना है। खासकर 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की अधिक संभावना है। इसके अलावा नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया।

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