देहरादून- नम आंखों से जसपाल राणा विदाई, पंचतत्व में विलीन, भगवान शिव और मां गंगा में गहरी आस्था रखते थे गोल्डन बॉय

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भारत के दिग्गज शूटर और कोच जसपाल राणा का अंतिम संस्कार शनिवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। इससे पहले जसपाल राणा इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी पौंधा प्रेमनगर में उनके अंतिम दर्शन के लिए आम से खास लोगों तक का जमावड़ा लगा और उनके परिजन, करीबी सहयोगी और देशभर से पहुंचे खेल प्रेमियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद उनके परिजनों ने बताया कि जसपाल राणा भगवान शिव और मां गंगा के प्रति गहरी आस्था रखते थे। यही वजह भी रही कि अंतिम संस्कार के लिए उन्हें वाराणसी ले जाया गया। इससे पहले दिवंगत जसपाल राणा के अंतिम दर्शन करने के लिए जहां आम लोगों से लेकर खेल, शिक्षा और राजनीति जगत की अनेक हस्तियों का तांता लगा रहा। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन बना हुआ था। लोगों ने फूल अर्पित कर अपने गोल्डन बॉय को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने पहुंचे खिलाड़ियों ने कहा कि जसपाल राणा केवल एक बेहतरीन शूटर ही नहीं बल्कि एक प्रेरणादायक गुरु भी थे।

उन्होंने अपने अनुभव और समर्पण से देश को कई प्रतिभाशाली निशानेबाज दिए। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत समेत कई जनप्रतिनिधि उनके आवास पर पहुंचे और परिजनों को ढाढ़स बंधाया। इसके अलावा विभिन्न खेल संगठनों के पदाधिकारी, प्रशिक्षु खिलाड़ी और उनके चाहने वाले भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

 

गरीब तबके के बच्चों को निशुल्क दे रहे थे प्रशिक्षण
जसपाल राणा के करीबी प्रदीप कवि ने बताया कि खेलों के प्रति शुरू से ही उनका विशेष लगाव था। वर्ष 2012 से उन्होंने युवाओं को कोचिंग देनी शुरू की। देहरादून में स्थित शूटिंग रेंज में वह क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निशुल्क निशानेबाजी का प्रशिक्षण देते थे।

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तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे जसपाल
पूर्व खेल राज्य मंत्री नारायण सिंह राणा के तीन बच्चों में जसपाल सबसे बड़े थे, सुभाष दूसरे और उनके बाद बहन सुषमा राणा हैं। छोटे भाई सुभाष अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज होने के साथ वर्तमान में शूटिंग के कोच भी है। उनकी बहन सुषमा राणा भी निशानेबाज रही है, वह केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के परिवार की बहू हैं। जसपाल की बेटी देवांशी राणा ने भी शूटिंग प्रतियोगिता में विश्वकप चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और कांस्य मेडल जीतकर पिता का नाम रोशन किया है। छोटा बेटा युवराज भी निशानेबाजी के क्षेत्र में कैरियर बना रहे हैं।


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