अयोध्या में कोतवाली क्षेत्र के ममरेजनगर गांव में मंगलवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई। जब गांव के ही एक तालाब में महिला और उसकी डेढ़ वर्षीय बेटी का शव उतराता हुआ मिला। मृतका की पहचान ममता गुप्ता (32) पत्नी शिव करन गुप्ता के रूप में हुई है, जबकि बच्ची का नाम पीहू था।
मृतक महिला के भाई ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल के लोग दहेज की मांग कर रहे थे। आए दिन दहेज को लेकर जान से मार देने की धमकी देते हुए दीदी की पिटाई करते थे। जिसका सन् 2018 में जिला न्यायालय में दहेज व घरेलू हिंसा का मुकदमा चल रहा था।
ससुराल पक्ष ने उसका सुलह-समझौता करके महिला को अपने घर ले वापस ले गए। कुछ दिन बाद ममता ने एक बेटी को जन्म दिया। लेकिन इसके बाद भी ससुराल पक्ष ने अपनी हरकतों को जारी रखा। पति शिव करन गुप्ता दहेज न देने पर बहन को कई-कई दिनों तक भोजन भी नहीं देते थे। मायके वालों से बात भी करने नहीं देता था और अपनी दूसरी शादी करने के लिए कहता था।
सुबह चार बजे से गायब थी
भाई ने बताया कि मंगलवार की सुबह लगभग सात बजे ससुराल वालों ने फोन कर बताया कि ममता अपनी नाबालिग पुत्री के साथ सुबह चार बजे से घर से गायब है। यह कहकर उन लोगों ने फोन काट दिया। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया।
उसके कुछ देर बाद गांव के ही एक व्यक्ति ने फोन करके सूचना दी कि ममता का शव सामने तालाब से बरामद हुआ है। मौके पर पहुंचे एसडीएम विकास धर दुबे और सीओ आशीष निगम ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। कोतवाल संजय मौर्य ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।









