कौड़िहार के पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव (40) की हत्या के बाद पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया। ऐसे में परिजनों को मृतक के आखिरी दर्शन भी नहीं हो सके। परिजन इसके लिए कभी पुलिस तो कभी किस्मत को कोसते रहे। उनका कहना है कि पिछले छह दिनों से रणधीर की तलाश में वे दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और अज्ञात में अंतिम संस्कार करा दिया। मामले का खुलासा होने पर रणधीर यादव के पिता राम अभिलाष यादव ने बेटे के कपड़े व फोटो से उसकी शिनाख्त की।
परिजनों को यकीन नहीं हो रहा कि रणधीर का दोस्त रामसिंह कैसे उनकी हत्या में शामिल हो सकता है। दरअसल, रणधीर यादव से राम सिंह और उदय की गहरी दोस्ती थी। उदय गांव आने की बजाय किराए के कमरे में शांतिपुरम में रहता था। जिला पंचायत सदस्य बबली यादव ने बताया कि जब कभी राम सिंह घर आता था तो पति रणधीर उसे बात करने के लिए अलग कमरे में ले जाते थे। वे घंटों साथ रहते थे। दोनों के बीच क्या बातें होती किसी को नहीं मालूम।









