न्यायालय का फैसला: नैनीताल- धोखाधड़ी और ठगी की शिकार मशहूर कवित्री को आज 7 साल बाद मिला इंसाफ

 

नैनीताल की प्रसिद्ध कवित्री गौरी मिश्रा के विद्वान अधिवक्ता सोनू कुमार की मजबूत पैरवी की वजह से आज सात साल मिला इंसाफ उन्होंने कहा की उन्हें ईश्वर और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा
गौरी मिश्रा ने कहा की 8 साल पहले हल्द्वानी के गौरव गुप्ता और सौरभ गुप्ता ने मकान दिलवाने के नाम पर 35 लाख रु ठग लिए थे। वापिस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई साथ ही अपने साथी डिंपल पाण्डेय उर्फ शत्रुघ्न पांडेय, लीलाधर कांडपाल उर्फ लीला कांडपाल, मुकेश भट्ट और लालित पाण्डेय के साथ मिलकर अश्लील फोटो edit कर सोशल मीडिया में बदनाम करने की कोशिश की गई ।
शिकायत में यह भी कहा गया कि अभियुक्त धमकी दे रहे थे कि “पैसों को तो भूल जाओ, हम तुम्हें इतना बदनाम कर देंगे कि मुँह दिखाने लायक नहीं रहोगी, और तुम्हें हल्द्वानी शहर छोड़कर भागना पड़ेगा।”

 

 दोषसिद्धि, कारावास और जुर्माना

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल रवि प्रकाश ने आज 17 जनवरी 2026 को 44 पृष्ठों के निर्णय में दोषसिद्धि देते हुए कहा कि महिला के विरुद्ध गंभीर अपराधों में नरमी उचित नहीं। और आरोपितों को निम्नवत सजायें दीं :

गौरव गुप्ता (गिरफ्तारी 15.02.2020, जेल में निरुद्ध)

  • धारा 420 भारतीय दण्ड संहिता: 07 वर्ष सश्रम कारावास + 50,000 रुपये जुर्माना

  • धारा 506 भारतीय दण्ड संहिता: 05 वर्ष सश्रम कारावास + 25,000 रुपये जुर्माना

  • धारा 509 भारतीय दण्ड संहिता: 03 वर्ष सश्रम कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना

  • न्यायालय रिकॉर्ड के अनुसार जेल में बिताई अवधि: 938 दिन

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सौरभ गुप्ता (गिरफ्तारी 15.02.2020, जेल में निरुद्ध)

  • धाराएं: 420, 506, 509 भारतीय दण्ड संहिता

  • सजा: A.1 के समान

  • जेल में बिताई अवधि: 938 दिन

ललित मोहन पाण्डे (आत्मसमर्पण 25.05.2022)

  • धारा 509: 03 वर्ष सश्रम कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना

लीलाधर उर्फ लीला काण्डपाल (आत्मसमर्पण 17.01.2022)

  • धारा 509: 03 वर्ष सश्रम कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना

शत्रुघन पाण्डेय उर्फ डिम्पल पाण्डेय (आत्मसमर्पण 20.04.2022)

  • धारा 509: 03 वर्ष सश्रम कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना

  • धारा 66बी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम: 03 वर्ष सश्रम कारावास + 50,000 रुपये जुर्माना

  • धारा 67 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम: 03 वर्ष सश्रम कारावास + 1,00,000 रुपये जुर्माना

मुकेश चन्द्र भट्ट (आत्मसमर्पण 04.06.2022)

  • धारा 509: 03 वर्ष सश्रम कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना

न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, पूर्व में जेल में बिताई अवधि का समायोजन सजा में होगा।

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