नगर निगम परिसर में शुक्रवार को उस वक्त हंगामा हो गया जब मेयर कार्यालय में पहुंचे कांग्रेस पार्षदों और सफाई कर्मचारी यूनियन का टकराव हो गया। पार्षदों और यूनियन के पदाधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जिस वक्त यह मामला हुआ मेयर सौरभ थपलियाल भी कार्यालय में मौजूद थे। मामला बढ़ता देख उन्होंने दोनों पक्षों में बीच-बचाव कराकर मामला शांत कराया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
शुक्रवार कांग्रेस पार्षद रॉबिन त्यागी, आयुष गुप्ता, अभिषेक तिवारी आदि मेयर सौरभ थपलियाल से उनके कार्यालय में मिलने के लिए पहुंचे थे। जब कांग्रेस पार्षद अपनी बात मेयर के सामने रख रहे थे तो उसी दौरान सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सोनू खैरवाल सहित यूनियन के अन्य पदाधिकारी और सफाई कर्मचारी भी मेयर कार्यालय में पहुंच गए। इसी दौरान एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ा कि हंगामा शुरू हो गया। हालांकि मेयर ने दोनों पक्षों को शांत किया और इस मामले में जांच का आश्वासन दिया।
पार्षद और सफाई कर्मचारियों के विवाद की विभागीय जांच शुरू
मेयर सौरभ थपलिया ने इस पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए मामले में निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पार्षद और सफाई कर्मचारी दोनों व्यवस्था का अहम हिस्सा है। किसी के साथ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा। यह विवाद आगे ना बढ़े इसके लिए एक जांच कमेटी बनाई गई है। जो मामले की छानबीन करेगी ताकि यह पता लग सके कि गलती किसकी है। उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में टीम को सौंपनी होगी
मेयर सौरभ थपलिया ने इस पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए मामले में निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पार्षद और सफाई कर्मचारी दोनों व्यवस्था का अहम हिस्सा है। किसी के साथ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा। यह विवाद आगे ना बढ़े इसके लिए एक जांच कमेटी बनाई गई है। जो मामले की छानबीन करेगी ताकि यह पता लग सके कि गलती किसकी है। उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में टीम को सौंपनी होगी







