दिल्ली में कोरोना की खतरनाक COME BACK : भारत के 70 फीसदी नए मामले एनसीआर से,इस अस्पताल के 250 बेड आरक्षित।।

कोरोना संक्रमण के देश में रविवार को मिले 1,150 नए मरीजों में से 815 सिर्फ दिल्ली-एनसीआर के हैं। दिल्ली में ही 517 नए केस मिले हैं। एनसीआर में देश के 70 फीसदी से ज्यादा मरीज हैं।
दिल्ली के बाद गुड़गांव में सबसे ज्यादा 157 केस मिले तो, नोएडा में 76, गाजियाबाद में 33 और फरीदाबाद में 32 नए मरीज मिले हैं। दिल्ली में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी तो हुई है, लेकिन संक्रमण दर पांच फीसदी से घटकर 4.21 फीसदी पर आ गई।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बीते एक दिन में कोरोना के 12,270 टेस्ट किए गए हैं। वहीं, 261 मरीजों ने कोरोना को हराया है। होम आइसोलेशन में 964 मरीज, अस्पतालों में 66, आईसीयू में नौ, ऑक्सीजन सपोर्ट पर 10 मरीज हैं। नए मामलों के साथ सक्रिय मरीजों की संख्या 1518 रिकॉर्ड की गई है। वहीं, कंटेनमेंट जोन की संख्या 635 हो चुकी है। एक दिन पहले 461 नए मामले व 5.33 फीसदी संक्रमण दर रही थी

राजधानी में संक्रमण दर पांच फीसदी से अधिक होने पर डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त की है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के लक्षण होने पर खुद का टेस्ट करवाना चाहिए। संक्रमण रोकने के लिए मास्क का प्रयोग जरूरी है। उधर, लोकनायक अस्पताल में कोरोना रोगियों के लिए 250 बेड आरक्षित किए गए हैं।

राजधानी में बीते दो सप्ताह में संक्रमण दर 0.5 फीसदी से बढ़कर 5.33 फीसदी हो गई है। शनिवार को 461 नए मामलों के साथ 5.33 फीसदी संक्रमण दर दर्ज की गई थी, जबकि दो मौतें भी हुईं थी। शुक्रवार को दिल्ली में 366 मामले दर्ज किए गए थे। इससे पहले एक फरवरी को 5.09 फीसदी संक्रमण दर दर्ज की गई थी, जबकि 31 जनवरी को यह आंकड़ा 6.2 फीसदी था।

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प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने जोर दिया है कि मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर टेस्ट बढ़ाने की भी आवश्यकता है। लोक नायक अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि  जिन लोगों में कोरोना के लक्षण विकसित हो रहे हैं, वे बड़े पैमाने पर टेस्ट के लिए नहीं  जा रहे हैं। यदि लोगों में लक्षण हैं तो वे परीक्षण के लिए जरूर जाएं। यहां तक कि होम आइसोलेशन के लिए जाने वालों को भी टेस्ट करवाना चाहिए।

बता दें कि संक्रमण दर में लगातार वृद्धि ने महामारी की संभावित नई लहर के बारे में चिंताओं को जन्म दिया है। पांच फरवरी को संक्रमण दर 2.87 फीसदी थी, जो 16 अप्रैल को बढ़कर 5.33 फीसदी हो गई थी।डॉक्टरों ने यह भी कहा है कि टीकाकरण और हर्ड इम्युनिटी ने निश्चित रूप से लोगों को भी एक स्तर की सुरक्षा प्रदान की है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा था कि सरकार राजधानी में कोविड की स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और फिलहाल घबराने की कोई बड़ी वजह नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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