मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र के जुल्हैंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ में रविवार को हवन यज्ञ और शिला पूजन के साथ ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर कारसेवा का शंखनाद होगा। इसकी तैयारियां जोरों पर चल रहीं हैं और साधु-संत भी पहुंचना शुरू हो गए हैं। 13 अखाड़ों के साधु-संतों के साथ-साथ विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को इसके लिए निमंत्रण भेजा गया है। इधर, प्रशासन ने साध्वी ऋतंभरा, कथावाचक देवकीनंदन महाराज, महंत फूलडोल बिहारीदास महाराज समेत 12 साधु-संतों को रेड कार्ड नोटिस जारी कर सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। कार्यक्रम में एक हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है।
स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि कारसेवा की घोषणा के बाद पुलिस-प्रशासन उन्हें व अन्य साधु संतों को रेड कार्ड नोटिस भेज रहा है। इनमें साध्वी ऋतंभरा, कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, महंत फूलडोल बिहारीदास महाराज, श्रीचरणदास महाराज, सौरभ गौड़, सीतारामदास महाराज, संत अभिषेक ब्रह्मचारी, मोहिनी बिहारी शरण महाराज, महामंडलेश्वर कृष्णानंद महाराज समेत 12 साधु-संतों को नोटिस दिया गया है। नोटिस में पुलिस ने कहा है कि धार्मिक भावनाओं की आड़ में समाज को उत्तेजित करने के लिए कारसेवा के नाम पर सोशल मीडिया पर वीडियो या पोस्टर ट्वीट किए गए हैं।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर एवं आस-पास इस प्रकार की गतिविधियों से बचें, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था बनी रहे। यदि किसी प्रकार की गतिविधियां उत्पन्न की जाती हैं तो आपके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि पत्थरों की दूसरी खेप फिलहाल रोक दी गई है। रविवार कार्यशाला में शिला पूजन और कारसेवा शंखनाद पर ज्यादा जोर है। शंखनाद के बाद साधु-संत मंथन करेंगे और कारसेवा की आगे की दिशा तय होगी।






