मध्यप्रदेश की राजनीति और प्रशासन में रविवार को एक अलग तस्वीर देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल जिले के ऐतिहासिक जगदीशपुर में होने वाली विशेष कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री, सभी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी वीआईपी काफिलों की बजाय इलेक्ट्रिक बसों से सामूहिक रूप से पहुंचेंगे। सरकार ने इसे सादगी, मितव्ययिता और शासकीय संसाधनों के बेहतर उपयोग की पहल बताया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री, सभी मंत्री और उनका स्टाफ सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। यहां से तीन इलेक्ट्रिक बसों के जरिए सभी एक साथ जगदीशपुर के लिए रवाना होंगे। इस दौरान मंत्रियों के शासकीय वाहन, व्यक्तिगत वाहन, पायलट और फॉलो वाहन मुख्यमंत्री निवास पर ही रहेंगे। वहीं, कैबिनेट बैठक में शामिल होने वाले वरिष्ठ अधिकारी भी अपने वाहन कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पार्क कर इलेक्ट्रिक बसों से बैठक स्थल पहुंचेंगे। इलेक्ट्रिक बसों से सामूहिक यात्रा करने से ईंधन की बचत होगी, वीआईपी काफिलों की संख्या कम होगी, यातायात पर दबाव घटेगा और शासकीय संसाधनों का अधिक मितव्ययी उपयोग सुनिश्चित होगा। इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सादगी, सुशासन और जनधन के विवेकपूर्ण उपयोग की कार्यशैली का प्रतीक माना जा रहा है।
आज इन 9 विधेयकों पर लग सकती है मुहर
जगदीशपुर कैबिनेट में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक सबसे प्रमुख एजेंडा रहेगा। इसके अलावा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन, निजी कोचिंग संस्थानों के नियमन संबंधी विधेयक, मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक-2026, मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक-2026, मध्यप्रदेश नागरिक सुरक्षा संहिता (संशोधन) विधेयक-2026, मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) विधेयक-2026, मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) विधेयक-2026 सहित कुल नौ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लग सकती है।
10.54 लाख किसानों को मिलेगी 1460.25 करोड़ रुपये की सौगात
कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रदेश के 10.54 लाख किसानों के बैंक खातों में 1,460.25 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि सिंगल क्लिक के जरिए अंतरित करेंगे। सरकार के अनुसार योजना लागू होने से वर्ष 2024-25 तक किसानों को कुल 30,942.34 करोड़ रुपये का बीमा दावा भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से अधिसूचित फसलों का समय पर बीमा कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अल-नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष मानसून को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
सादगी का संदेश देने की कोशिश
इलेक्ट्रिक बसों से सामूहिक यात्रा करने से ईंधन की बचत होगी, वीआईपी काफिलों की संख्या कम होगी, यातायात पर दबाव घटेगा और शासकीय संसाधनों का अधिक मितव्ययी उपयोग सुनिश्चित होगा। इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सादगी, सुशासन और जनधन के विवेकपूर्ण उपयोग की कार्यशैली का प्रतीक माना जा रहा है।






