CM भगवंत मान अकाल तख्त पर पेश- जत्थेदार को दिया स्पष्टीकरण, 25,000 पेजों के सबूत भी सौंपे

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बृहस्पतिवार को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के समक्ष पेश हुए और अपने बयानों व सिख मुद्दों से जुड़े आरोपों पर स्पष्टीकरण दिया। मुख्यमंत्री दो काले बैगों में गुम हुए पावन स्वरूपों से संबंधित दस्तावेज लेकर श्री अकाल तख्त सचिवालय पहुंचे और जत्थेदार को करीब 25 हजार पेज की शिकायतें सौंपीं।

उन्होंने कहा कि ये शिकायतें लोगों ने उन्हें भेजी हैं जिनमें सबूतों के साथ धार्मिक भावनाओं का दर्द भी दर्ज है। अमृतधारी सिख न होने के कारण मुख्यमंत्री ने अकाल तख्त की फसील (वह स्थान जहां से जत्थेदार फैसला पढ़कर लोगों को सुनाते हैं) के बजाय सचिवालय में पेश होकर अपना पक्ष रखा।

मुख्यमंत्री मान सुबह श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब पर नतमस्तक होकर अरदास की। दोपहर करीब 12 बजे श्री अकाल तख्त सचिवालय में उनकी पेशी हुई। वे करीब 40 मिनट तक सचिवालय में रहे। पेशी से पहले ही मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे सचिवालय पहुंच गए थे।

 

सामान्य सिख की तरह आया हूं

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक सामान्य सिख की तरह नंगे पांव अकाल तख्त साहिब में पेश हुए। उन्होंने अपना स्पष्टीकरण जत्थेदार साहिब को साैंप दिया है। उन्होंने कहा कि ये धारणा बनाई जा रही थी कि भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनाैती दे रहे हैं लेकिन उनकी ऐसी नीयत नहीं है। अब सिंह साहिब क्या फैसला लेते हैं, ये बाद में उन्हें बताया जाएगा। वे हर फैसले से सहमत हैं।

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अकाल तख्त को चुनौती देने की औकात नहीं : मान

मान ने कहा, श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने की उनकी औकात नहीं है। वे एक विनम्र सिख के रूप में यहां आए हैं। जत्थेदार साहिब के समक्ष उनके वक्तव्यों और सरकार से संबंधित जो शिकायतें पहुंची थीं, उन पर उन्होंने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। अब जो भी निर्णय होगा वह उन्हें स्वीकार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसजीपीसी के प्रबंधों में कथित कमियों को लेकर जो शिकायतें उनके पास आई थीं वे भी जत्थेदार के समक्ष रखी गई हैं। धर्म की रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। उन्होंने माना कि कमियां उनसे भी हो सकती हैं, क्योंकि यह मामला बेहद संवेदनशील है। जत्थेदार ने भरोसा दिलाया है कि हर पत्र को गंभीरता से पढ़ा जाएगा।

अकाल तख्त साहिब आकर सुकून मिला

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब आकर उन्हें सुकून मिला है, क्योंकि यह मामला कई लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। जत्थेदार ने भी कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है कि कुछ मामलों में उन्हें बयान नहीं देने चाहिए थे। अब सभी तथ्यों पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा, जिसकी सूचना मुख्यमंत्री को दी जाएगी।

पांच सिंह साहिबानों की बैठक के बाद होगा अंतिम फैसला

मुख्यमंत्री मान ने बताया कि जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने स्पष्ट किया है कि वे पांच सिंह साहिबानों की बैठक बुलाकर सभी तथ्यों और स्पष्टीकरण पर विचार करेंगे और उसके बाद अगला आदेश जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को कोई चुनौती दे ही नहीं सकता।

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