दिल्ली-एनसीआर में नकली सामान का कारोबार- जब्त हुआ ढाई हजार लीटर से अधिक मिलावटी घी, नकली मोबिल आयल बरामद

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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने त्योहार से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए बुद्ध विहार, रोहिणी और दिल्ली-एनसीआर के अन्य इलाकों में चल रहे अवैध मिलावटी देसी घी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी और इसके निकटवर्ती हरियाणा में 2,600 लीटर से अधिक मिलावटी घी जब्त कर राकेश गर्ग (38) और मुकेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार को दो गोदामों में छापा मारा। मिलावटखोर यहां मिलावटी घी को कई लोकप्रिय ब्रांड के लेवल के जरिये खपा रहे थे। एक माह के भीतर दिल्ली में मिलावटी घी की यह तीसरी बरामदगी है।

अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर पुखराज सिंह की टीम ने कुल 2,651 लीटर मिलावटी घी जब्त किया है। इनमें से 2,241 लीटर घी उत्तर-पश्चिम दिल्ली के बुद्ध विहार स्थित एक गोदाम में मिला। इस गोदाम का मालिक राकेश गर्ग (38) है जबकि 410 लीटर घी हरियाणा के जींद में एक अन्य व्यक्ति मुकेश के गोदाम से बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि जींद इकाई को सील कर दिया गया है और मिलावटी घी निर्माताओं के खिलाफ अपराध शाखा थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि दीपावली और अन्य त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मिलावटी घी खपाया जा रहा था।
संदिग्धों ने शुद्ध घी की कथित तौर पर नकल करने के लिए निम्न गुणवत्ता वाले वनस्पति घी और रिफाइंड तेल को मिलाया तथा उत्पाद में सिंथेटिक रंग और अन्य खतरनाक पदार्थों का इस्तेमाल किया। अधिकारी ने कहा कि इसके बाद मिलावटी उत्पाद को प्रतिष्ठित ब्रांड के कंटेनर में पैक किया जाता था और स्थानीय वितरकों, डेयरियों और खुदरा दुकानों को थोक दरों पर बेचा जाता था। दिल्ली सरकार का खाद्य सुरक्षा विभाग भी छापेमारी में शामिल था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गर्ग पिछले दो वर्षों से इस अवैध व्यापार में कथित तौर पर शामिल है और हाल में उसने अपने कारोबार का विस्तार किया है। विनिर्माण इकाई का संचालन करने वाला मुकेश हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में मिलावटी घी की आपूर्ति कर रहा था।

150 रुपये प्रति लीटर मिलावटखोर, थोक विक्रेता कमा रहे थे 200 से 300
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपियों ने खुलासा किया कि मिलावटी देसी घी की उत्पादन लागत लगभग 200 रुपये प्रति लीटर आती है। वे इसे थोक विक्रेता को करीब 350 रुपये में बेच रहे थे। थोक विक्रेता करीब 200 से 300 रुपये का फायदा लेकर इसे फुटकर दुकानदारों को बेच रहे थे। अमूल घी 600 से 700 रुपये लीटर है। इसी तरह अन्य ब्रांड के घी का मूल्य भी है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर 2025 को नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से कुल 1,625 किलो और 15 सितंबर को 7,600 लीटर मिलावटी घी बरामद किया था।

ऐसे बनाते थे नकली घी
थोक में घटिया गुणवत्ता वाला डालडा (वनस्पति घी) और रिफाइंड तेल खरीदते थे, जिन्हें गर्म करके शुद्ध देसी घी जैसा बना दिया जाता था। असली स्वाद देने के लिए इसमें रसायन आधारित फ्लेवरिंग एसेंस यानी सुगंध, सिंथेटिक रंग और असुरक्षित पदार्थ मिलाए जाते थे। इस उत्पाद को देसी घी के प्रतिष्ठित ब्रांडों जैसे मदर डेयरी, अमूल, पतंजलि आदि के पैकेटों में पैक किया जाता था और डेयरियों, दुकानों और छोटे वितरकों को, खासकर त्योहारों के मौसम में, आपूर्ति की जाती थी।

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नकली घी से सावधान! घर पर ऐसे करें असली-नकली की पहचान 

  • हथेली पर पिघलाकर देखें: शुद्ध घी शरीर के तापमान पर तुरंत पिघल जाता है। अगर देर तक ठोस रहे या तेल जैसा चिपचिपा एहसास दे, तो उसमें वनस्पति तेल मिला हो सकता है
  • खुशबू और रंग पहचानें: असली घी की महक हल्की और मनभावन होती है, जबकि नकली में तेज या कृत्रिम गंध आती है। इसका रंग सुनहरा पीला और बनावट दानेदार होती है
  • उबालने का तरीका: थोड़ा घी गर्म करें। शुद्ध घी उबालने पर हल्की मीठी खुशबू देगा और तुरंत पिघल जाएगा। नकली घी में बदबू आएगी और परतें अलग-अलग दिखेंगी
  • फ्रिज टेस्ट: घी को कुछ घंटे के लिए फ्रिज में रखें। अगर यह समान रूप से जम जाए तो शुद्ध है। परतें या अलग-अलग स्तर बनें तो मिलावट की आशंका है
  • आयोडीन टेस्ट: पिघले घी में एक-दो बूंद आयोडीन डालें। अगर नीला रंग बने तो उसमें स्टार्च मिला है

खरीदते समय रखें सावधानी

  • पैकेट पर FSSAI नंबर, बैच नंबर और उत्पादन तिथि जरूर जांचें। बहुत सस्ते दाम में बिकने वाला घी अक्सर मिलावटी होता है
  • खुला या बिना ब्रांड का घी खरीदने से बचें। शक हो तो उपभोक्ता एफएसएसएआई (FSSAI) की वेबसाइट या स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं

 

कंझावला में बना रहे थे नकली मोबाइल ऑयल

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कंझावला में नकली लुब्रिकेंट/मोबाइल ऑयल निर्माण इकाई का भंडाफोड़ करते हुए दो मालिकों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 2,600 लीटर नकली लुब्रिकेंट ऑयल और मशीनरी बरामद की हैं। बरामद नकली ऑयल की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।

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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि शाखा की आईएससी में तैनात इंस्पेक्टर कमल कुमार को कंझावला क्षेत्र में नकली लुब्रिकेंट/इंजन ऑयल निर्माण की सूचना मिली थी। जांच में पुलिस को पता चला कि सकलान अहमद उर्फ प्रिंस, अपने भाई सोहिद उर्फ अल्लू के साथ मिलकर निर्माण इकाई चला रहा है। पुलिस टीम ने छापा डाला और 2,600 लीटर नकली तेल, पैकेजिंग सामग्री जब्त की। अवैध निर्माण और वितरण नेटवर्क में शामिल पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी गिरफ्तार तीन आरोपियों के नाम शकीलुद्दीन उर्फ शकील (38), शान मोहम्मद (36) और मोहम्मद सलमान (25) हैं। ये यहां काम करते थे।

प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि इस इकाई का संचालन आगरा, यूपी निवासी प्रिंस और सोहिद अहमद उर्फ अल्लू नामक दो भाई कर रहे थे। फैक्ट्री परिसर मई 2025 में कंझावला निवासी अजीत से किराए पर लिया गया था। इससे पहले आरोपी 2022 से दिल्ली में ऐसी एक अवैध इकाई चला रहे थे। प्रतिष्ठित ब्रांडों के जाली लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग का उपयोग करके, वे असली जैसे दिखने वाले नकली उत्पाद बनाते थे। फिर नकली तेल को स्थानीय ऑटो दुकानों, वर्कशॉप और थोक विक्रेताओं को रियायती दरों पर बेचा जाता था।

आरोपी हर महीने आरोपी लगभग 8,000-10,000 लीटर नकली तेल (10 बोतलों वाले 800-1000 कार्टन) बनाकर बेचते थे, जिससे उन्हें लगभग 2.5 लाख प्रति माह की कमाई होती थी। नकली पैकेजिंग लगभग मूल ब्रांडिंग जैसी ही होती थी, जिससे आम खरीदारों या मैकेनिकों के लिए उसे पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता था। शान मोहम्मद स्नातकोत्तर (एम.एससी. केमिकल इंजीनियरिंग) है। पहले वह फार्मा कंपनी में काम करता था।

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