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दिल्ली पुलिस की विशेष साइबर अपराध शाखा ने हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड के कॉरपोरेट बैंक खाते से 12.84 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक बैंक रिलेशनशिप मैनेजर सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, चेक बुक और प्रॉपर्टी गैलरी की रबर स्टांप बरामद की हैं।
पुलिस उपायुक्त गौरव त्यागी ने बताया कि कंपनी को एचडीएफसी बैंक से मिले एक सिस्टम अलर्ट के जरिये अनधिकृत लेन-देन की जानकारी मिली थी। जांच में सामने आया कि 317 डिजिटल लेन-देन के माध्यम से कंपनी के खाते से 12.84 करोड़ रुपये 34 अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए। यह मामला 21 अगस्त को स्पेशल सेल थाने में दर्ज किया गया था।
शाखा की तकनीकी जांच में बैंक खातों और मोबाइल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर देश के विभिन्न हिस्सों में छापे मारकर पांचों आरोपियों को पकड़ा गया। गिरोह के सदस्य टेलीग्राम पर सक्रिय चीनी समूहों के संपर्क में थे और ठगी की रकम का एक हिस्सा यूएसडीटी (डिजिटल मुद्रा) में बदलकर विदेश भेजा गया। पुलिस ने अब तक 1.70 करोड़ रुपये की रकम पर रोक लगाई है।
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। जांच में भारत और दुबई में मौजूद कुछ आरोपियों की पहचान हुई है। बैंक खातों, मोबाइल फोन, टेलीग्राम संपर्क और यूएसडीटी लेन-देन की जांच जारी है। पुलिस जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती है।
ठगी को ऐसे दिया अंजाम
आरोपियों ने बैंक खातों और आपसी संपर्क के जरिये हीरो फिनकॉर्प के खाते से रकम निकालने का एक नेटवर्क बनाया। गिरफ्तार आरोपियों में बुलंदशहर निवासी अभय कुमार सोलंकी, कुरुक्षेत्र निवासी लवली (26), बीकानेर निवासी हरमन (24), जयपुर निवासी नमन कुमार और आरबीएल बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर विकास (30) शामिल हैं।
अभय कुमार सोलंकी के खाते में 60 हजार रुपये आए, जिन्हें एटीएम से निकाला गया। लवली के प्रॉपर्टी गैलरी खाते में 80 लाख रुपये पहुंचे, जबकि नमन कुमार के यस बैंक और इंडसइंड बैंक खातों में कुल 1.10 करोड़ रुपये आए। विकास ने नमन के बैंक खाते खुलवाने में मदद की और उसे हरमन से मिलवाया। देवेंद्र सिंह चौहान नामक एक अन्य व्यक्ति ठगी की रकम को यूएसडीटी में बदलकर विदेश में बैठे जालसाजों तक भेजता था।