1 जनवरी से महंगाई की मार- महंगा होगा बस का सफर, 18% बढ़ाने की तैयारी, देना होगा इतना किराया

नए साल में एक जनवरी से जम्मू-कश्मीर में यात्री वाहनों में सफर महंगा हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने 18 फीसदी तक किराये में बढ़ोतरी की है। इससे यात्रियों को अंतर जिला रूटों पर 11 से 72 रुपये तक ज्यादा देने पड़ेंगे। जम्मू शहर में तीन किलोमीटर पर नौ रुपये तक किराया देना होगा।

 

ऑल जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक वेल्फेयर एसोसिएशन और वित्तीय विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद यात्री किराये में बढ़ोतरी पर सहमति बनी है। वर्ष 2021 में सरकार ने 19 फीसदी यात्री किराये में बढ़ोतरी की थी। अब पांच साल बाद 18 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इससे जम्मू से कटड़ा तक बस किराये में 11 रुपये, कठुआ तक 23, जम्मू से कटड़ा तक 11, कठुआ तक 23 और श्रीनगर तक 72 रुपये ज्यादा देने पड़ सकते हैं।

 

18% वृद्धि के बाद यह हो सकता है किराया

रूट वर्तमान इतना बढ़ सकता है किराया
जम्मू- कटड़ा 63 12 रुपये
जम्मू- उधमपुर 83 15 रुपये
जम्मू-श्रीनगर 397 72 रुपये
जम्मू-किश्तवाड़ 301 54 रुपये
जम्मू-बसोहली 237 43 रुपये
जम्मू- पुंछ 356 64 रुपये
जम्मू-कठुआ 128 23 रुपये
जम्मू- बनिहाल 232 42 रुपये
जम्मू-भद्रवाह 260 47 रुपये
जम्मू-बिलावर 188 47 रुपये
जम्मू में हर तीन किमी पर दो रुपये की वृद्धि
किश्तवाड़ तक 54 रुपये तक बढ़ सकते हैं। अब परिवहन विभाग अधिसूचना जारी करेगा। इसके बाद स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) यात्री किराये की दरें जारी करेगा। इसमें अंतर जिला रूटों की 2×2 बसें, जिले के अंदर के रूटों पर चलने वाली मेटाडोर, टैक्सी मैक्सी कैब, प्रीमियम सेगमेंट में टूरिस्ट टैक्सी मैक्सी कैब इनोवा, ऑटो फैसला लिया था। इससे पहले ही परिवहन मंत्री ने ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक कर मांगों को 15 दिनों में मानने का फैसला लिया था।

और पढ़े  जम्मू: बर्फीले इलाकों में जनगणना का पहला पड़ाव पार, लद्दाख की उपलब्धि, किश्तवाड़ देश का पहला स्नो-बाउंड जिला

18 फीसदी किराये में बढ़ोतरी का असर मेटाडोर में सफर करने वालों पर भी पड़ेगा। अब तीन किलोमीटर तक के लिए यात्रियों को सात की बजाय नौ रुपये तक किराया देना होगा। पांच किमी तक अभी 12 रुपये किराया है। 18 फीसदी के हिसाब से इसमें यह किराया बढ़कर 14.16 रुपये तक होगा। यानी की दो रुपये की वृद्धि होगी। 

इसी तरह 10 किमी तक वर्तमान में 15 रुपये किराया है ये बढ़कर 18 रुपये तक होगा। 15 किमी तक 17 रुपये हैं अब बढ़कर 20 रुपये तक हो सकता है। 20 किमी तक 23.60 रुपये तक हो सकता है। इस तरह 20 किमी से ज्यादा के सफर में स्टेज कैरियर पैसेंजर बसों सामान्य यात्री बस के लिए हर अतिरिक्त किमी पर किराया लिया जाएगा। यह किराया रूट के हिसाब से अलग-अलग दरों पर लागू होगा। तीन किमी रूट की बात करें तो गोल मार्केट गांधीनगर से बिक्रम चौक तक आने के लिए यात्री को सात रुपये की बजाय नौ रुपये किराया दोना पड़ेगा। बढ़ी हुई दरें ऑटो पर भी लागू होंगी।

मंगलवार को ट्रांसपोर्टर व सरकार के बीच दो घंटे चली बैठक में परिवहन विभाग के साथ-साथ वित्तीय विभाग के सचिव शामिल थे। दासपोर्टर बोले कि 40 फीसदी तक वृद्धि की मांग थी। जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेल्फेयर एसोसिएशन के चेयरमैन करण सिंह वजीर ने कहा कि 40 फीसदी तक वृद्धि की मांग थी। सरकार ने 18 फीसदी पर सहमति दी। हमारा परिचालन खर्च बढ़ा है।

ईधन के दाम बढ़े हैं। वाहन उपकरण महंगे हुए हैं। किराये में बढ़ोतरी से कुछ हद तक राहत मिलेगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय चिब ने कहा कि 2021 में किराये में बढ़ोतरी हुई थी। अब पांच साल बाद बढ़ोतरी से राहत मिलेगी। ट्रांसपोर्टर देवेंद्र चौधरी ने कहा कि सरकार ने यात्रियों पर ज्यादा बोझ नहीं डाला है। इसके साथ ही आश्वासन दिया गया है कि हर साल किराया बढ़ाया जाएगा। इसमें किराये बढ़ोतरी पर सहमति बनी। परिवहन विभाग के अनुसार अब एक जनवरी से बढ़ी हुई दरें लागू होंगी।

और पढ़े  जंगलों में छिपे आतंकियों की शामत: सुरक्षाबलों ने सितंबर में 5 पाकिस्तानी दहशतगर्दों को किया ढेर, 32 की तलाश
  • Related Posts

    जम्मू: बर्फीले इलाकों में जनगणना का पहला पड़ाव पार, लद्दाख की उपलब्धि, किश्तवाड़ देश का पहला स्नो-बाउंड जिला

    जनगणना-2027 के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का पहला चरण पूरा हो गया है। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 5,292 एन्यूमरेशन ब्लॉकों में…

    सेब होगा महंगा- इस बार 40 फीसदी कम हुई पैदावार, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में खेती पर मौसम की मार

    सेब इस बार महंगा बिकेगा। देश के दो शीर्ष उत्पादक राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सेब की पैदावार तेजी से घटी है। हिमाचल में पिछले साल के 4.07 लाख टन…