राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर अपने संदेश में भगवान बुद्ध के जीवन और उनके शाश्वत विचारों को याद करते हुए कहा कि यह दिन मानवता के लिए गहरे आत्मचिंतन और प्रेरणा का अवसर है। उन्होंने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा हमें भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों की स्मृति कराती है, जो पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में आगे कहा कि करुणा, अहिंसा और ज्ञान पर आधारित भगवान बुद्ध के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब विश्व अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे समय में बुद्ध के विचार हमें शांति, सहिष्णुता और आपसी सौहार्द के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, जो एक बेहतर और संतुलित समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
बुद्ध पूर्णिमा पर पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के आदर्शों को साकार करने के प्रति देश की प्रतिबद्धता अटूट है। उन्होंने अपने संदेश में आशा जताई कि बुद्ध के विचार समाज में आनंद, एकता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करेंगे। प्रधानमंत्री ने हिंदी में भी संदेश साझा करते हुए कहा कि बुद्ध पूर्णिमा हमें शांति, करुणा और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि इस पवित्र अवसर पर हम सभी भगवान बुद्ध के जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प दोहराएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी भूमिका निभाएं।
अपने संदेश में उन्होंने एक संस्कृत श्लोक का भी उल्लेख किया:-
नान्तर्बहिश्च लोकेषु त्वात्मानं दृष्टवान् क्वचित्।
आष्टाङ्गिकेन मार्गेण परमां शान्तिमाययौ॥
जिसका भाव है कि अष्टांगिक मार्ग पर चलकर ही परम शांति की प्राप्ति संभव है और यही मार्ग मानव जीवन को सही दिशा देता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महात्मा बुद्ध का जीवन और उनके विचार पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि बुद्ध के संदेश हमें शांति, करुणा और आत्मबोध की ओर अग्रसर करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि करीब ढाई हजार वर्षों बाद भी भगवान बुद्ध की शिक्षाएं उतनी ही प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी निरंतर मार्गदर्शन देती रहेंगी।
शांति-करुणा के मार्ग पर चलने की अपील
गृह मंत्री अमित शाह ने भी देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन हमें सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बुद्ध का ज्ञान केवल एक युग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में भी मानवता को दिशा और प्रकाश देता रहेगा।
मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने दी शुभकामनाएं
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी हैं। राहुल गांधी ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध का जीवन दर्शन और उनके विचार सम्पूर्ण मानवता के लिए शिक्षा हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर हम आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। भगवान बुद्ध का जीवन और उनकी शिक्षाएं शाश्वत, सनातन और सार्वभौमिक ज्ञान से परिपूर्ण हैं। सत्य, करुणा, अहिंसा, सजगता और समानता का उनका संदेश न केवल हमारी सभ्यता को आकार देने वाला रहा है, बल्कि आज के संघर्ष और अनिश्चितता भरे दौर में भी यह मानवता का मार्गदर्शन कर रहा है।” खरगे ने पोस्ट में आगे लिखा, ‘भगवान बुद्ध का मार्ग हमें यह स्मरण कराता है कि आंतरिक शांति ही एक न्यायपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण विश्व की आधारशिला है। कामना है कि सर्वत्र सद्भाव का प्रसार हो, भाईचारे के बंधन और सुदृढ़ हों व हमारा जीवन सदा सद्गुणों से प्रेरित रहे।”









