कमर्शियल गैस सिलिंडर- कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी, दिल्ली में अब 3071.50 रुपये पहुंचा दाम

कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में एक मई यानी आज से बड़ा इजाफा हुआ है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आज से 19 किलो के कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। दिल्ली में आज से 19 किलो के सिलिंडर की कीमत 3071.50 रुपये होगी। घरेलू सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

 

पांच किलो वाले सिलिंडरों के दाम भी बढ़े
कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों के दाम बढ़ाए जाने के अलावा पांच किलोग्राम के एफटीएल (मुक्त व्यापार एलपीजी) सिलिंडर की कीमत में भी वृद्धि का फैसला लिया गया है। इसके तहत कीमतें तत्काल प्रभाव से 261 रुपये प्रति सिलिंडर बढ़ गई हैं। पांच किलोग्राम का फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलिंडर का उपयोग मुख्य रूप से छोटे प्रतिष्ठानों और सीमित व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इसपर सब्सिडी नहीं दी जाती है। इसकी कीमत बाजार दरों के करीब होने की वजह से वैश्विक उतार-चढ़ाव के प्रति अधिक संवेदनशील होता है।

घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की खुदरा कीमतों में बदलाव नहीं
वहीं, पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक देश की सरकारी तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बावजूद घरेलू विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह निर्णय एयरलाइनों और उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय मूल्य अस्थिरता से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके साथ ही, पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की खुदरा कीमतों को भी स्थिर रखा गया है।

 

बढ़ोतरी पर इंडियन ऑयल ने क्या कहा?
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, आम जनता को प्रभावित करने वाले प्रमुख ईंधनों की दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया है। एटीएफ की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को इनपुट लागत के आधार पर संशोधन किया जाता है। हालांकि, घरेलू एयरलाइनों के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वहीं अंतरराष्ट्रीय वाहकों के लिए कीमतों में वृद्धि हुई है।

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पेट्रोल-डीजल के दामों में बदलाव नहीं
आईओसी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें उन उपभोक्ताओं के लिए अपरिवर्तित रहीं, जो कुल खपत का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा हैं। इसी तरह, लगभग 33 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी (14.2-किलोग्राम सिलिंडर) की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित केरोसिन की कीमतों में भी कोई वृद्धि नहीं हुई है।

कुल मिलाकर, पेट्रोलियम उत्पादों का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा ऐसा है जिसकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है, जिससे अधिकांश उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता सुनिश्चित हुई है। तेल कंपनियों ने बताया कि मूल्य संशोधन केवल चुनिंदा औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित हैं, जिनकी खपत में अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा है और जो वैश्विक बेंचमार्क के आधार पर नियमित मासिक समायोजन के अधीन हैं।

 

कमर्शियल सिलिंडरों के बढ़ाए दाम
बयान में यह भी कहा गया है कि थोक और वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडरों (कुल खपत का 1 प्रतिशत से कम) की कीमतों में संशोधन किया गया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय विमानन संचालन के लिए थोक डीजल और एटीएफ की कीमतों में वृद्धि की गई है, हालांकि इसके विशिष्ट विवरण नहीं दिए गए हैं।

साथ ही, लगभग चार प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में गिरावट भी देखी गई है, जो वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव को दर्शाती है। कुल मिलाकर, लगभग 80 प्रतिशत उत्पादों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, चार प्रतिशत में कमी आई और 16 प्रतिशत – मुख्य रूप से औद्योगिक ईंधन – में कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई।

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