BJP की रणनीति?: संसद में दो तिहाई बहुमत के लिए मोदी सरकार ने लगाया जोर, अब NCP पवार के बागियों पर नजर

Spread the love

हिला आरक्षण और परिसीमन के लिए संसद के दोनों सदनों में जरूरी दो तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए मोदी सरकार ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है।

इस क्रम में तृणमूल, शिवसेना यूबीटी में हुई टूट से उत्साहित भाजपा की निगाहें अब एनसीपी (पवार) पर है। माना जा रहा है कि इस महीने के तीसरे सप्ताह में शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले शरद पवार गुट के छह सांसद एनसीपी (अजित) का दामन थाम सकते हैं। बताया जा रहा है कि बागी सांसद बीते कुछ दिनों से भाजपा के संपर्क में हैं। संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए सरकार द्रमुक, झामुमो, वाईएसआर कांग्रेस समेत निर्दलीय सांसदों के संपर्क में है। सूत्रों के मुताबिक इस क्रम में द्रमुक से कुछ दौर की बातचीत हो चुकी है, जबकि सरकार की योजना अन्य दलों से सत्र की शुरुआत से पहले संपर्क साधने की है। सूत्रों का कहना है कि सत्र शुरू होने से पहले सरकार द्रमुक के साथ अंतिम दौर की बातचीत करेगी।

एनसीपी के साथ तृणमूल कांग्रेस वाला फार्मूला
सूत्रों का कहना है कि एनसीपी पवार के छह सांसद भाजपा में शामिल होने के लिए संपर्क में थे। हालांकि, स्थानीय राजनीति के मद्देनजर भाजपा ने बागी सांसदों से दूरी बनाई। संकेत हैं कि बागी सांसदों को एनसीपी अजित में शामिल कराने की कवायद शुरू हुई है। गौरतलब है कि पहले एनसीपी के दोनों धड़ों में विलय की तैयारी थी, मगर अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद इस प्रस्ताव पर पानी फिर गया। दूसरी ओर तृणमूल के बागी सांसद भी भाजपा में शामिल होना चाहते थे, मगर स्थानीय इकाई के विरोध में अप्रत्यक्ष मदद हासिल करने के लिए बागी सांसदों के गुट का एनसीपीआई में विलय कराया गया।

क्या है वर्तमान आंकड़ा

  • वर्तमान में लोकसभा में 540 सांसद हैं। विधेयक पारित कराने के लिए भाजपा को 360 सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। टीएमसी और शिवसेना में टूट के बाद भाजपा के पक्ष में 324 सांसद हो गए हैं।
  • अगर एनसीपी पवार के छह सांसद भी टूटते हैं तो समर्थक सांसदों की संख्या 330 हो जाएगी। बीते सत्र में 12 सांसद मतदान से दूर रहे थे, ऐसे में उपस्थित सांसदों की संख्या 528 हो गई थी।
  • भाजपा की योजना 22 सांसदों वाली द्रमुक का प्रत्यक्ष समर्थन लेने और झामुमो, वाईएसआर कांग्रेस, आप समेत कुछ अन्य गैरकांग्रेसी दलों को मतदान से दूर रह कर मदद करने के लिए मनाने की है।
और पढ़े  ईरानी मिसाइल के निशाने पर थे ट्रंप: दावा- IRGC को पता थी लोकेशन, खुफिया एजेंसियों ने कैसे फेरा मंसूबे पर पानी?

Spread the love
  • Related Posts

    स्कूल ठीक करो अभियान: अभिजीत दीपके का हिंगोली में प्रदर्शन, ग्रामीण इलाकों के स्कूलों के लिए कर रहे क्या मांग?

    Spread the love

    Spread the loveकॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत महाराष्ट्र के हिंगोली में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सीजेपी का ये आंदोलन राज्य…


    Spread the love

    BJP ने तीन राज्यों के प्रभारियों का किया एलान, सतीश पुनिया को पंजाब की तो UP की इन्हें मिली जिम्मेदारी

    Spread the love

    Spread the loveभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं। पार्टी ने इन…


    Spread the love