महिला आरक्षण और परिसीमन के लिए संसद के दोनों सदनों में जरूरी दो तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए मोदी सरकार ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है।
- वर्तमान में लोकसभा में 540 सांसद हैं। विधेयक पारित कराने के लिए भाजपा को 360 सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। टीएमसी और शिवसेना में टूट के बाद भाजपा के पक्ष में 324 सांसद हो गए हैं।
- अगर एनसीपी पवार के छह सांसद भी टूटते हैं तो समर्थक सांसदों की संख्या 330 हो जाएगी। बीते सत्र में 12 सांसद मतदान से दूर रहे थे, ऐसे में उपस्थित सांसदों की संख्या 528 हो गई थी।
- भाजपा की योजना 22 सांसदों वाली द्रमुक का प्रत्यक्ष समर्थन लेने और झामुमो, वाईएसआर कांग्रेस, आप समेत कुछ अन्य गैरकांग्रेसी दलों को मतदान से दूर रह कर मदद करने के लिए मनाने की है।






