राहुल गांधी की प्रेस वार्ता के कुछ देर बाद भाजपा ने भी प्रेस वार्ता कर उनके आरोपों का जवाब दिया। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि सुबह से आरोप और जवाब का सिलसिला चल रहा है, जबकि यह पूरी चर्चा संसद के भीतर होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के व्यवहार की वजह से ऐसा नहीं हो सका और इसलिए देर रात मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ रही है। पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिर तथ्यों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश की और ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया।
राहुल गांधी के माफी वाले बयान पर क्या बोले संबित पात्रा?
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह भाजपा या आरएसएस से कभी माफी नहीं मांगेंगे। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी का यह दावा भी सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल ही में राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान से अदालत में लिखित रूप से माफी मांगी थी। इसके अलावा ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी के मामले में भी उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर माफी मांगी थी। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी कैमरे के सामने भले माफी न मांगें, लेकिन अदालत में शपथपत्र देकर माफी मांगते रहे हैं।
छात्रों पर गोली चलने के आरोप पर भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने सदन में दावा किया कि छात्रों पर गोली चलाई गई और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं। पात्रा ने कहा कि सरकार और भाजपा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ऐसी कोई फायरिंग नहीं हुई। उन्होंने सवाल किया कि यदि गोली चली थी तो उसका कोई कारतूस, बैलिस्टिक रिपोर्ट या कोई ठोस सबूत क्यों नहीं दिखाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब यह दावा टिक नहीं पाया तो राहुल गांधी ने अपने बयान का स्वर बदल दिया। पात्रा ने कहा कि किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति में मौके पर मौजूद सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट यह तय करते हैं कि कितने बल का इस्तेमाल करना है। केवल इस आधार पर कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है, यह कहना सही नहीं है कि हर कार्रवाई का आदेश गृह मंत्री सीधे देते हैं।
अमित शाह को लेकर लगाए आरोपों पर क्या जवाब दिया?
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के इस दावे को भी खारिज किया कि उन्होंने खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अधिकारियों से फोन पर बात करते देखा। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी प्रमाण के ऐसे आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी राफेल मामले में उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को लेकर ऐसे ही दावे किए थे, जो बाद में सही साबित नहीं हुए। पात्रा ने कहा कि बिना सबूत के गंभीर आरोप लगाना राहुल गांधी की पुरानी राजनीतिक शैली रही है।
क्या छात्र आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं राहुल गांधी?
भाजपा सांसद ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान सरकार और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत से समाधान निकला, लेकिन राहुल गांधी अब उसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे का श्रेय लेना चाहता है। पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों की टास्क फोर्स बनाई, जिसमें शिक्षा, तकनीक, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अनुभवी लोगों को शामिल किया गया। साथ ही पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून भी बनाया गया। उन्होंने कहा कि केवल राजनीति करने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी, बल्कि ठोस काम करने से बदलाव आएगा। अंत में उन्होंने फिर कहा कि भाजपा की ओर से राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की जाती है।






