कर्नाटक में BJP का किसान आंदोलन तेज, गन्ना-मकई खरीद केंद्र न खोलने पर कांग्रेस सरकार को घेरा

 

 

भाजपा ने कर्नाटक में  बड़ी संख्या में किसानों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने कांग्रेस सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों की निंदा की। इस प्रदर्शन में कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवाड़ी नारायणस्वामी सहित कई विधायक, विधान परिषद सदस्य और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

 

राज्य से जुड़े मुद्दों और सरकार की विफलताओं को किया उजागर 

बीजेपी नेताओं ने कहा कि यह विरोध राज्य से जुड़े मुद्दों और कांग्रेस सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए आयोजित किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार ने किसानों की परेशानी को नजरअंदाज कर दिया है।

मकई और गन्ना किसानों की समस्याओं पर तीखा हमला

बीजेपी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मकई और गन्ना किसानों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रही। पार्टी नेताओं का कहना है कि मकई किसानों की ओर से खरीद केंद्र खोलने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन सरकार अब तक कोई पहल नहीं कर पाई। बीजेपी के अनुसार, खरीद केंद्र न होने से किसान बिचौलियों के हाथों अपनी फसल कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं।

 

खरीद केंद्र नहीं खोलने का आरोप 

पार्टी के वरिष्ठ नेता सी.टी. रवि ने कहा कि विपक्ष किसानों के हक की लड़ाई लड़ रहा है और सरकार को जवाब देना होगा। रवि ने कहा कि हम किसानों को न्याय दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार ने गन्ना और मकई पर एमएसपी का ऐलान तो किया है, लेकिन खरीद केंद्र ही नहीं खोले। लाखों हेक्टेयर में फसलें बाढ़ से नष्ट हो गईं, फिर भी कोई मुआवजा नहीं दिया गया। हम किसानों का हक मांग रहे हैं।

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केंद्रीय सब्सिडी का उदाहरण देकर राज्य सरकार पर निशाना

बीजेपी नेता ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को लाभ देने के लिए बड़ी सब्सिडी दे रही है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बोरी यूरिया की कीमत ₹2,500 है, लेकिन केंद्र सरकार इस पर ₹2,200 की सब्सिडी देती है, जिससे किसानों को कम कीमत पर खाद मिल पाती है। रवि ने कहा कि डीएपी खाद पर भी ₹2,500 की सब्सिडी मिलती है और इसका सीधा फायदा किसानों को मिल रहा है।

विधानसभा सत्र में घेराव की चेतावनी

विरोध कर रहे बीजेपी नेताओं ने कहा कि वे किसानों के साथ मिलकर बेलगावी स्थित सुवर्ण विधान सौध का घेराव करेंगे। यह कदम राज्य में जारी शीतकालीन सत्र के दौरान उठाया जाएगा।

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