बिहार के बाढ़ अनुमंडल स्थित दहौर गांव का हाई स्कूल इन दिनों पढ़ाई से ज्यादा शिक्षकों के विवाद को लेकर चर्चा में है। स्कूल में माध्यमिक और हाई स्कूल के शिक्षकों के बीच ऑफिस में साथ बैठने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया है कि अब शिक्षा विभाग के अधिकारी भी परेशान हो चुके हैं।
दरभंगा के एक शिक्षक और स्कूल प्रभारी के बीच चल रहा विवाद ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्कूल में आए दिन शिक्षक एक-दूसरे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।
वीडियो बनाने को लेकर शिक्षक ने उठाई छड़ी
रोज-रोज की वीडियोग्राफी से परेशान होकर एक शिक्षक ने अपने सहकर्मी पर छड़ी तक उठा ली। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। शिक्षकों के बीच लगातार हो रहे विवाद का असर अब स्कूल के शैक्षणिक माहौल पर भी पड़ रहा है। आरोप है कि शिक्षक कक्षा में पढ़ाने से ज्यादा समय ऑफिस में आपसी बहस और विवाद में बिताते हैं। स्कूल परिसर में लगातार हो रही लड़ाई के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार भी अब सख्त कार्रवाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
महिला शिक्षकों और छात्राओं से दुर्व्यवहार के आरोप
स्कूल के शिक्षक दीपक कुमार पर पिछले दो वर्षों से छात्राओं और महिला शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। इस मामले की जांच शिक्षा विभाग में चल रही है। शिक्षक दीपक कुमार ने कहा कि बुधवार को जब वह स्कूल पहुंचे तो हाई स्कूल के एक शिक्षक ने उन पर टिप्पणी करते हुए ऑफिस से बाहर जाने को कहा। उन्होंने बताया कि वह अपने रजिस्टर के साथ काम कर रहे थे और उसी दौरान प्रभारी शिक्षक से बहस हो रही थी। दोनों पक्ष एक-दूसरे का वीडियो बना रहे थे।
दीपक कुमार ने कहा कि दूसरा शिक्षक उनके सामने आकर लगातार वीडियो बना रहा था, जिस पर उन्होंने छड़ी उठाकर वीडियो बनाने से मना किया। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी को मारना या डराना नहीं था। उन्होंने माना कि गुस्से में उनसे कुछ अपशब्द निकल गए थे, जिसके लिए उन्होंने माफी भी मांग ली है।
“क्लास नहीं लेते, पूरे दिन करते हैं टिप्पणी”
विवाद के दौरान आरोप लगाया गया कि दीपक कुमार कंप्यूटर शिक्षक हैं, लेकिन वह बच्चों को पढ़ाने के बजाय पूरे दिन ऑफिस में बैठकर महिला और पुरुष शिक्षकों पर टिप्पणी करते रहते हैं। शिक्षकों का कहना है कि इस वजह से सभी परेशान हैं।
छात्राओं को लेकर भी लगे गंभीर आरोप
आरोप लगाया गया कि 11वीं कक्षा की 12 छात्राएं यहां पढ़ती थीं, जिनमें से एक छात्रा को दीपक कुमार अलग कमरे में दरवाजा बंद कर पढ़ाते थे। दूसरे शिक्षकों ने उन्हें सभी छात्राओं को एक साथ पढ़ाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी। बताया गया कि कुछ दिनों बाद एक छात्रा रोते हुए कमरे से बाहर निकली और उसने शिक्षिका अंजली को पूरी घटना बताई। जब शिक्षिका ने इस मामले में दीपक कुमार से पूछताछ की तो उन्होंने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
“लड़कियों को डेस्क पर खड़ा करते थे”
यह भी आरोप लगाया गया कि जब स्कूल प्रभारी उन्हें 10वीं कक्षा पढ़ाने भेजती थीं, तब वह छात्राओं को डेस्क पर खड़ा कर देते थे। कहा गया कि 10वीं की छात्राएं स्कर्ट पहनकर स्कूल आती हैं और जो छात्राएं होमवर्क पूरा नहीं करती थीं, उन्हें पूरी कक्षा के सामने डेस्क पर खड़ा कर दिया जाता था। इतना ही नहीं, उन पर छात्राओं को “बड़ी गदही” और “छोटी गदही” जैसे अपशब्द कहने के आरोप भी लगे हैं। इस मामले में अभिभावकों ने भी शिकायत की थी और इसकी जानकारी प्रखंड शिक्षा कार्यालय को दी गई थी।
बीईओ ने कहा- बच्चों पर पड़ता है असर
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने कहा कि स्कूल में हुए विवाद का वीडियो उनके संज्ञान में आया है। वीडियो में स्कूल प्रभारी और अन्य शिक्षक के बीच विवाद साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद वह खुद स्कूल पहुंचे और मामले की जांच की। जांच में यह सामने आया कि शिक्षक दीपक कुमार द्वारा प्रभारी और अन्य शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने बताया कि जब मध्य विद्यालय को हाई स्कूल में बदला गया था, तब पुराने प्रभारी को ही हाई स्कूल का प्रभार दिया गया था। ऐसे में प्रभारी को लेकर सवाल उठाना उचित नहीं है, क्योंकि यह विभाग का निर्णय होता है।
“शिक्षकों का आचरण अच्छा होना चाहिए”
अमित कुमार ने कहा कि बच्चे वही सीखते हैं जो शिक्षक करते हैं। इसलिए शिक्षकों को अपना आचरण अच्छा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों का व्यवहार सही नहीं होता, वे सिर्फ बच्चों ही नहीं बल्कि समाज और देश के प्रति भी गलत संदेश देते हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि अगर किसी को किसी शिक्षक से शिकायत है तो वह इसकी जानकारी प्रखंड या जिला शिक्षा कार्यालय को दें।
पहले भी हो चुकी है शिकायत
बीईओ ने बताया कि वर्ष 2024 में भी दीपक कुमार के खिलाफ उनके सहयोगी शिक्षकों ने शिकायत की थी। अब स्कूल प्रधानाध्यापक की ओर से दोबारा आवेदन दिया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनकी रिपोर्ट जिला कार्यालय भेजी जा रही है।








