Bihar: बेटे को मंत्री नहीं बनाने पर फूटा बाहुबली का गुस्सा, पार्टी से दे दिए बगावत के संकेत

Spread the love

बिहार के सीतामढ़ी में रविवार की शाम आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद आनंद मोहन का जेडीयू नेतृत्व और नीतीश सरकार पर बड़ा गुस्सा फूटा। शहर के डुमरा स्थित एक होटल सभागार में आयोजित महाराणा प्रताप प्रतिमा अनावरण समारोह में शामिल होने पहुंचे पूर्व सांसद ने खुले मंच से अपनी पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और बेटे चेतन आनंद को मंत्री न बनाए जाने का दर्द बयां किया। आनंद मोहन ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि नीतीश कुमार के लिए उन्होंने और उनके परिवार ने जितनी बड़ी कुर्बानी दी है, वैसी किसी और ने नहीं दी। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने एक इशारे पर कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था और जिंदगी भर साथ निभाया, लेकिन आज उन्हें और उनके संघर्ष को हाशिए पर धकेल दिया गया है।

 

जेडीयू में ‘थैली की राजनीति’ का आरोप
पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आसपास सक्रिय नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में अब ‘थैली की राजनीति’ धड़ल्ले से चल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘तू न बोले बाबू, तेरा पैसा बोले रे’ वाली स्थिति आज पार्टी में पैदा हो गई है। आनंद मोहन ने आरोप लगाया कि जो लोग पैसे और थैली पहुंचा रहे हैं, उन्हें मंत्री और बड़ा नेता बनाया जा रहा है, जबकि स्थापित और संघर्षशील नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है।

‘टाइगर अभी जिंदा है’
उन्होंने बक्सर और आरा के एमएलसी चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की जनता ने इस थैली की राजनीति को करारा तमाचा दिया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जल्द ही दूसरा चुनाव होने वाला है और लोग देख लेंगे कि ‘टाइगर अभी जिंदा है।’

‘नीतीश कुमार को जिंदा दफन कर दिया गया’
आनंद मोहन ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मजबूरियों का फायदा उठाकर कुछ लोग उन्हें पूरी तरह नियंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज नीतीश कुमार को ‘जिंदा दफन’ कर दिया गया है। सरकारी विज्ञापनों और मंचों से मुख्यमंत्री का चेहरा गायब होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि शपथ ग्रहण समारोहों और पोस्टरों में नीतीश कुमार की तस्वीर नहीं दिखती, जबकि सहयोगी दलों और उपमुख्यमंत्रियों की तस्वीरें प्रमुखता से लगाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इसके लिए भाजपा को दोष नहीं देते, क्योंकि हर पार्टी अपना एकाधिकार चाहती है। लेकिन जेडीयू के भीतर बैठे जो लोग खुद को नीति-निर्धारक और सहयोगी बताते हैं, वे आज नीतीश कुमार को सिर्फ भोजन कराने और घुमाने तक सीमित रख रहे हैं।

बेटे चेतन आनंद को मंत्री न बनाए जाने पर छलका दर्द
अपने बेटे चेतन आनंद को कैबिनेट में जगह न मिलने पर पूर्व सांसद का दर्द पूरी तरह छलक उठा। उन्होंने कहा कि जब सरकार बचाने की बात आई, तब चेतन आनंद ने आगे बढ़कर सरकार बचाई।उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, ‘बेटा अगर सरकार बचाएगा तो सरकार तुम नहीं चलाओगे, सरकार चेतना भी चलाएगा। वह समय आने वाला है जब लोगों को एड़ियां रगड़नी पड़ेंगी।’ आनंद मोहन ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह खुद सक्रिय थे, तब सीतामढ़ी में किसी का टिकट तक वापस कराना पड़ा था। लेकिन आज कुछ लोग चेतन आनंद को नवीनगर भेजते हैं और अपनों का ही गला काट रहे हैं।

और पढ़े  Modi : बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने PM मोदी को लिखी लंबी चिट्ठी, 1934 के किस बंटवारे की चर्चा की?

बिहार की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
आनंद मोहन के तीखे तेवर से साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति, खासकर जेडीयू के भीतर, आंतरिक कलह और बढ़ सकती है। उनके बयान ने न सिर्फ पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सत्ता और संगठन के भीतर चल रही खींचतान को भी सार्वजनिक कर दिया है।


Spread the love
  • Related Posts

    Modi : बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने PM मोदी को लिखी लंबी चिट्ठी, 1934 के किस बंटवारे की चर्चा की?

    Spread the love

    Spread the loveबिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 12 वर्षों के कार्यकाल पूरे होने पर उन्हें बधाई देते हुए एक विस्तृत पत्र लिखा है। पत्र…


    Spread the love

    Bihar: BJP विधायक राजू सिंह की जाएगी सदस्यता? जानें कितने साल की हो सकती है सजा, पढ़ें मामला…

    Spread the love

    Spread the loveनीतीश कुमार सरकार में भारतीय जनता पार्टी कोटे से पर्यटन मंत्री रहे राजू सिंह को दिल्ली की एक अदालत ने हिरासत में लेने का आदेश दिया है। 2019…


    Spread the love