2026 बजट: राजस्व घाटा अनुदान खत्म होने से हिमाचल को बड़ा झटका, माउंटेन ट्रेल की मिली सौगात

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केंद्रीय बजट में राज्यों के लिए राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) खत्म होने से हिमाचल प्रदेश को बड़ा झटका लगा है। आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे प्रदेश को इसके मिलने का इंतजार था। 15वें वित्तायोग की सिफारिशों पर राज्य को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में पांच साल के लिए करीब 37 हजार करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। हालांकि, बजट में हिमाचल के लिए माउंटेन ट्रेल की सौगात मिली है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपने बजट भाषण में हिमाचल प्रदेश का नाम लेकर पर्यटन क्षेत्र को लक्षित करते हुए केवल इसी एक योजना का एलान किया। माउंटेन ट्रेल की योजना से प्रदेश में नए ट्रैकिंग रूट विकसित होंगे। हिमाचल आने वाले सैलानियों को अतिरिक्त एडवेंचर एक्टिविटी मिलेगी। इसके अनुसार प्रदेश के लंबे ट्रैकिंग रूट माउंटेन ट्रेल योजना में शामिल किए जाएंगे। राज्य सरकार माउंटेन ट्रेल को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी, जिस पर बजट मंजूर होगा। हिमाचल प्रदेश को जीएसटी का तय हिस्सा मिलेगा। भाजपा की ओर से जीएसटी के स्टेट शेयर में 10 फीसदी बढ़ोतरी का दावा किया गया है। हिमाचल प्रदेश को 16वें वित्तायोग की सिफारिशों के तहत पंचायतों और शहरी निकायों के लिए ग्रांट के अलावा आपदा ग्रांट भी केंद्र जारी रखेगा।

 

539 करोड़ रुपये की आपदा ग्रांट इस साल हिमाचल को मिलेगी
वित्तीय वर्ष 2026-27 में हिमाचल प्रदेश को 539 करोड़ रुपये की आपदा ग्रांट मिलेगी। इसमें एसडीआरएफ के तहत हिमाचल को 431 करोड़ रुपये मिलेंगे। एसडीएमएफ के तहत 108 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। हिमाचल को पांच साल में 2,980 करोड़ की डिजास्टर ग्रांट मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2027-28 में हिमाचल को 453 करोड़, वर्ष 2028-29 में 476 करोड़, 2029-30 में 500 करोड़ और 2030-31 में 524 करोड़ रुपये की मदद मिलेगी।

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हिमाचल के लिए काला दिन: सीएम सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय बजट पर कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए काला दिन है। राजस्व घाटा अनुदान बंद करना संघीय ढांचे पर प्रहार है। बजट स्पष्ट रूप से आम लोगों, मध्यम वर्ग, किसानों, बागवानों और विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों की आवश्यकताओं के प्रति उदासीनता को उजागर करता है। वर्ष 1952 से लेकर 15वें वित्त आयोग के गठन तक केंद्र सरकार की ओर से राजस्व घाटा अनुदान नियमित रूप से राज्यों को दिया जाता रहा, लेकिन 16वें वित्त आयोग ने इस अनुदान को बंद कर दिया है।

माउंटेन ट्रेल क्रांतिकारी कदम: जयराम
पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का मजबूत आधार स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि टैक्स डिवॉल्यूशन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी इंगित करती है कि एक जगह कहीं कमी होगी तो दूसरी जगह प्रदेश को मदद करने की गुंजाइश निकाली गई है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए ईको टूरिज्म के तहत माउंटेन ट्रेल विकसित करने की घोषणा एक क्रांतिकारी कदम है। स्वास्थ्य, शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में भी विशेष प्रावधान हैं।

आरडीजी में मिले थे 37 हजार करोड़
वर्ष 2021 से लेकर 2026 के बीच 37,199 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान निर्धारित किया गया। वर्ष 2021-22 में 10,249 करोड़ रुपये अनुदान मिला। वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह ग्रांट 9,377 करोड़ रुपये मिली। वर्ष 2023-24 में 8,058 करोड़, 2024-25 में 6,258 करोड़ रुपये जारी हुए। 2025-26 में 31 मार्च तक कुल 3,257 करोड़ रुपये ही मिल रहे हैं।

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