भीमताल- जमरानी की ब्लास्टिंग की धमक पहुंची मकानों और आंगन तक, पड़ गईं दरारें, इस गांव के दस घरों को खतरा

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भीमताल ब्लॉक की पनिया मेहता तोक में खत्री खाड़ गांव के 10 मकान दरारें आने से खतरे की जद में आ गए हैं। घर, आंगन और खेतों में दरारें दिखने लोग दहशत में हैं। हालात यह हैं कि लोग अब रात को सो नहीं पा रहे हैं। बांध निर्माण का काम शुरू होने के बाद एकाएक आई दरारें अब चौड़ी हो रही हैं। बांध निर्माण में हो रही ब्लास्टिंग को ग्रामीण इसकी वजह बता रहे हैं।

गांव की तुलसी देवी, गोविंद बल्लभ, हरीश चंद्र पलड़िया, महेश चंद्र, देवकी नंदन, शिवदत्त के मकानों में दरारें साफ दिख रही हैं। उनका कहना था कि कुछ दिनों से दरारें दिख रही थीं। दरारें छोटी थीं तो पहले कुछ समझ नहीं आया और उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मगर पिछले कुछ दिनों से एक के बाद एक लगातार 10 घरों में दरारें आने से लोग अब परेशान हैं। घरों की दरारें चौड़ी हो रही हैं। उनका कहना है कि घरों में सोने में भी अब डर महसूस हो रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जमरानी बांध टनल आदि कामों में ब्लास्टिंग और सड़क कटिंग की जा रही है। इसके बाद से ही मकानों में दरारें आना शुरू हुई हैं। ब्लास्टिंग बढ़ने के साथ ही दरारें भी चौड़ी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई कि 10 मकानों में एक साथ दरारें दिखी हों। किसी भी मकान में पहले दरार नहीं आईं थीं।

जमरानी बांध बनाने के लिए क्षेत्र में ब्लास्टिंग की जा रही है। इससे हमारे मकान और आंगन में दरारें पड़ी हैं। दरारें पड़ने से डर बना है। प्रशासन को मकानों में आ रही दरारों की जांच करने के साथ ब्लास्टिंग रोकनी चाहिए। -जगदीश चंद्र पलड़िया, ग्रामीण

मकान में दरार पड़ने से खतरा बना हुआ है। जमरानी बांध का निर्माण होने के बाद से दरारें गांव में बढ़ गई हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। -भुवन पलड़िया, ग्रामीण

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क्षेत्र में हो रही ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आई है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। प्रशासन से सुरक्षा की दृष्टि से जांच कर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग करते हैं। -चिराग बोरा, प्रशासक, पनियामेहता

क्षेत्र में अगर लोगों के मकानों में दरारें आ रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी। ग्रामीणों को परेशान न होना पड़े, इसके लिए सभी जरूरी एतहितायत बरते जाएंगे। -वरुणा अग्रवाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट, नैनीताल

मकानों में दरारें किन कारणों से आई हैं, उसके लिए टीम मौका मुआयना करेगी। दरार आने के कारणों का तभी स्पष्ट पता चल पाएगा। -अजय पंत, प्रोजेक्ट मैनेजर, जमरानी बांध परियोजना इकाई


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