भीमताल: विकास निधि खर्च करने में भीमताल व रामनगर के विधायक सबसे पीछे…

 

वर्ष 2025-26 की विधायक निधि खर्च करने में भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा और रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट सबसे पीछे हैं। लालकुआं, नैनीताल के विधायकों के खातों में अब भी विकास कार्यों की अच्छी-खासी रकम बची हुई है। नैनीताल जिले में छह विधानसभाएं हैं। सभी विधायकों की ओर से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य कराने के लिए ग्राम्य विकास विभाग भीमताल को प्रस्ताव भेजे जाते हैं।

इन प्रस्तावों के तहत ही विधायक निधि जारी की जाती है। इनसे पेयजल, स्कूल की मरम्मत, कक्षा कक्षों के निर्माण, मंदिर के सौंदर्याकरण, खेल मैदान, स्वास्थ्य उपकरण, जल संरक्षण के कार्य, शौचालय, व्यायामशालाएं, छात्रावासों, पुस्तकालयों और सीसी रोड समेत अन्य विकास कार्य किए जाते हैं। मगर विकास कार्यों के लिए धन खर्च करने के मामले में कुछ विधायकों के हाथ तंग चल रहे हैं। इसमें अब तक सबसे कम रकम भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने खर्च की है। फिर रामनगर से भाजपा के विधायक दीवान सिंह बिष्ट का नंबर आता है। नैनीताल की विधायक सरिता आर्या और लालकुआं के विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट की भी निधि अभी काफी बची हुई है। हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश और कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने विधायक निधि पूरी खर्च कर ली है।
भीमताल विधानसभा में जनहित से जुड़े कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। शेष विधायक निधि खर्च करने के लिए प्रस्ताव भेज दिए हैं। स्वीकृति मिलते ही विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। – राम सिंह कैड़ा, भीमताल विधायक

रामनगर में विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों की कई फाइलें मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से लंबित हैं। स्वीकृति होते ही क्षेत्र में विकास कार्यों को तेजी से कराया जाएगा। -दीवान सिंह बिष्ट, विधायक, रामनगर

और पढ़े  उत्तराखंड- हेलीकॉप्टर क्रैश, बदरीनाथ से लौट रहे हेलीकॉप्टर की क्रैश होने की सूचना,ड्रोन से तलाश
  • Related Posts

    उत्तराखंड- हेलीकॉप्टर क्रैश, बदरीनाथ से लौट रहे हेलीकॉप्टर की क्रैश होने की सूचना,ड्रोन से तलाश

    बदरीनाथ से लौटते समय एक हेलीकॉप्टर क्रैश होने की खबर है। पायलट से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब ड्रोन से…

    उत्तराखंड: सदन से घर तक की दौड़, चांद के दीदार की होड़, 1 घंटे के भीतर विधानसभा परिसर में पसर गया सन्नाटा

    ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में दो दिन के सत्र को लेकर खासी जल्दबाजी का माहौल नजर आया। दूसरे दिन तो सुबह से ही कयासबाजी लगने लगी कि कितने बजे…