उत्तराखंड के बड़े नेताओं को झांसे में लेने के सनसनीखेज मामले की तह तक जाने के लिए अमर उजाला ने एक से दूसरी कड़ी को जोड़ने की कोशिश की। भावना पांडे से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि ठग ने उन्हें विश्वास दिलाने के लिए गणेश गोदियाल, हरीश रावत, हरक सिंह रावत और यशपाल आर्य की आवाज सुनाई।
इनसे बातचीत सुनकर उन्हें लगा कि ये सब बड़े नेता हैं इसलिए ये कनिष्क की आवाज पहचानते होंगे और उन्हें यकीन हो गया कि सामने फोन कॉल्स पर मौजूद व्यक्ति राहुल गांधी का निजी सचिव कनिष्क ही है। इसीलिए उसके झांसे में आकर 25 लाख रुपये दे दिए। भावना पांडे ने बताया कि पहली बार उन्हें 12 अप्रैल को फोन आया। ठग ने राहुल गांधी का निजी सचिव कनिष्क के रूप में परिचय देते हुए बताया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीटों पर सर्वे के लिए कांग्रेस की टीम दून आ रही है। इसमें करीब 12 विधायक हैं। इन्हें होटल में रुकवाने का इंतजाम करना है। इस पर भावना ने खर्च की रकम करीब 30 लाख रुपये बताई। इस पर ठग ने पहले ये पैसे किसी को दिल्ली भेजकर मंगवाने के लिए कहा।








