रेबीज रोधी टीके अभयरैब के एक बैच को गुणवत्ता जांच में विफल पाया गया है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल) ने इस बैच को नकली घोषित कर दिया है। इस खुलासे के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उधर, टीके के मूल निर्माता ने इस बैच के उत्पादन से इनकार किया है।
जांच में पाया गया कि इन शीशियों की पैकेजिंग, लेबलिंग, क्यूआर-कोड, ढक्कन का रंग और लाइसेंस विवरण असली नमूनों से काफी अलग हैं। मामले में दिल्ली पुलिस अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये संदिग्ध शीशियां कहां बनीं और क्या मरीजों को भी यह टीका लगाया गया है।



