हिंदू नववर्ष के शुभारंभ पर अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के शिखर पर पहली बार ध्वज परिवर्तन किया गया। इस विशेष अवसर पर भारतीय सेना के जवानों ने पूरे विधि-विधान और अनुशासन के साथ नए ध्वज का आरोहण किया। इसी दिन राम मंदिर में राष्ट्रपति ने दिव्य श्रीराम यंत्र की भी स्थापना की।
बृहस्पतिवार की सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार गूंज उठा। पुजारियों ने विधिवत पूजन-अर्चन के बाद ध्वज परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू कराई। इसके बाद सेना के चयनित जवानों ने सुरक्षा और तकनीकी सावधानियों के बीच मंदिर के शिखर पर चढ़कर पुराने ध्वज को उतारा और नए ध्वज को स्थापित किया।
ध्वज परिवर्तन की प्रक्रिया बेहद सावधानी और श्रद्धा के साथ संपन्न की गई। जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था, ताकि मंदिर की संरचना को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे और पूरी प्रक्रिया सुरक्षित ढंग से पूरी हो।
पीएम नरेंद्र मोदी ने ध्वजारोहण किया था
राम मंदिर के शिखर पर पिछले साल 25 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने ध्वजारोहण किया था। उसके बाद नव संवत्सर के शुभारंभ अवसर पर पहली बार धर्मध्वज को बदला गया। मंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल राव ने बताया कि हर साल नव संवत्सर पर मंदिर के शिखर पर लहराने वाले ध्वज को बदलने की परंपरा है। इसके स्थान पर नया ध्वज फहराया जाता है, उसी परंपरा का निर्वहन किया गया है।








