अयोध्या:- सरयू का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 19 सेमी ऊपर..बाढ़ चौकियां सक्रिय,24 घंटे हो रही निगरानी

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रामनगरी अयोध्या में सरयू में उफान तेज हो गया है। इसके चलते कछारीय इलाकों में हलचल बढ़ गई है। सरयू चेतावनी बिंदु पारकर खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रही है। जलस्तर चेतावनी बिंदु से 19 सेमी ऊपर है, जबकि खतरे के निशान से महज 81 सेमी दूर है। बाढ़ से जिले की तीन तहसील सदर, रुदौली और सोहावल के 18 गांव प्रभावित होते हैं। इन गांवों में बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। 24 घंटे बाढ़ की स्थिति की निगरानी के लिए टीमें लगाई गई हैं।

केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 91.92 मीटर रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में 21 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। सरयू चेतावनी बिंदु 91.73 मीटर से 19 सेमी ऊपर बह रही है। जबकि, खतरे के निशान 92.73 मीटर से 81 सेमी पीछे है।

 

राहत की बात यह है कि सरयू के जलस्तर में वृद्धि का क्रम फिलहाल रुक गया है। बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 91.92 मीटर पर आकर स्थिर हो गया है। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। 

राहत सामग्री और लंच पैकेट वितरण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी

सदर, रुदौली और सोहावल तहसील के 18 गांव की सुरक्षा के लिए 14 बाढ़ शरणालय और 12 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। जल पुलिस ने 150 नावों को चिन्हित किया है जो बाढ़ के दौरान बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और लंच पैकेट के वितरण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

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पिछले साल सोहावल तहसील का माझा कला गांव, रुदौली का कैथी माझा और सदर तहसील के पूरा बाजार के निचले इलाके बाढ़ की चपेट में सबसे ज्यादा आए थे। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने भी 35 चिकित्सा टीम और पशु चिकित्सा विभाग ने भी 21 टीमें तैनात करने की तैयारी की है।

आवासीय भूखंड पर मिला कब्जा, बाढ़ पीड़ितों के खिले चेहरे

विगत वर्षों की प्रलयंकारी बाढ़ से बेघर हुए करीब दो दर्जन बाढ़ पीड़ितों को प्रशासन ने पूरा बाजार क्षेत्र के मूड़ाडीहा गांव में उन्हें आवासीय भूखंड पर कब्जा दिलाया। कब्जा पाकर बाढ़ पीड़ितों के चेहरे खिल उठे। पीड़ित सत्यनारायण निषाद और मनीराम निषाद ने बताया कि करीब 18 वर्ष पूर्व बाढ़ से बेघर होने पर शासन ने उन्हें 1.5 बिस्वा आवासीय पट्टे की भूमि दी थी। कुछ लोगों ने उक्त जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। इससे वे अपना घर नहीं बना सके।

गोसाईगंज विधायक अभय सिंह के प्रयासों से जिलाधिकारी अयोध्या ने राजस्व टीम भेजकर अवैध कब्जा हटवाया। जिन लाभार्थियों को भूमि पर कब्जा दिलाया गया उनमें सत्यनारायण निषाद, बद्दूर निषाद, चौथी निषाद, झिनकान निषाद, श्याम निषाद, फुलझरा निषाद, मनीराम निषाद, ओम प्रकाश निषाद, राम प्रकाश निषाद, वासुदेव निषाद, राम लगन निषाद, बब्बू निषाद, राधे निषाद, राम मनोहर निषाद, निक्कू पासवान, सिधारे पासवान, निनकन पासवान, पन्नीलाल पासवान, राधे यादव व पुन्नू यादव शामिल हैं।

रामपुर पुवारी माझा के मजरे मदरहिया में कटान शुरू

सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से कछार क्षेत्र के गांवों में दहशत का माहौल है। पूरा बाजार क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामपुर पुवारी माझा के मजरे मदरहिया में नदी के किनारे हल्की कटान शुरू हो गई है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

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गांव के प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि अगर कटान की रफ्तार तेज हुई, तो मदरहिया का प्राथमिक विद्यालय नदी में समा सकता है। मूडाडीहा माझा के प्रधान गया प्रसाद यादव ने बताया कि अभी तक बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो दो-चार दिन में हालात गंभीर हो सकती है।


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