राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में न सिर्फ रामलला के दर्शन की ललक होती है, बल्कि वह निधि समर्पण में भी खूब रुचि दिखाते हैं। इसी का परिणाम है कि रामलला को पिछले आठ माह में 49़ 51 करोड़ का दान प्राप्त हो चुका है। सबसे ज्यादा राशि रामलला की हुंडी यानी दान पात्र से प्राप्त हुई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इस अवधि में 110़ 02 करोड़ का ब्याज मिला है। इस तरह कुल 159़ 53 करोड़ की आय हुई है। इसमें दानपात्र, ऑनलाइन दान, बैंक ब्याज और अन्य माध्यमों से प्राप्त राशि शामिल है।
देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु मंदिर दर्शन के साथ दानपात्र में स्वेच्छा से योगदान दे रहे हैं। राम मंदिर के गर्भगृह में रखी रामलला की हुंडी यानी दान पात्र से हर माह औसतन चार करोड़ की धनराशि प्राप्त हो रही है। रामलला के दानपात्र से पिछले आठ माह में 32 करोड़ की निधि ट्रस्ट को मिली है। रामलला के दान पात्र से मिलने वाले दान की गिनती के लिए 20 से अधिक कर्मचारी लगाए जाते हैं। इसमें बैंक से जुड़े कर्मियों के अलावा ट्रस्ट के कर्मी भी शामिल होते हैं।
दान पात्र से मिली धनराशि की गिनती रोजाना की जाती है। इसके अलावा दर्शन पथ से लेकर मंदिर परिसर तक छह जगहों पर दान काउंटर बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु स्वेच्छा से निधि समर्पित करते हैं। इन दान काउंटरों से पिछले आठ माह में साढ़े 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है। इन पैसों को ट्रस्ट की ओर से निर्धारित बैंक खातों में जमा कराया जाता है। दान पात्र में से बड़ी मात्रा में सोना-चांदी के आभूषण, सिक्के आदि भी प्राप्त होते हैं। इन्हें ट्रस्ट की ओर से लॉकर में जमा कराया जाता है।
ट्रस्ट के बैंक खातों में जमा हैं दो हजार करोड़
राम मंदिर ट्रस्ट के विभिन्न बैंक खातों में 2025़ 71 करोड़ रुपये जमा हैं। ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ट्रस्ट ने 889़ 52 करोड़ रुपये जमा किए हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा में 313 करोड़ व पंजाब नेशनल बैंक में 694 करोड़ की धनराशि जमा है। ट्रस्ट ने म्यूचल फंड में भी करीब 84 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। जबकि ऑटो स्वीप सुविधा में 40 करोड़ रुपये निवेश किए गए हैं।
दान का माध्यम- धनराशि
दान काउंटर- 10़ 71 करोड़
दानपात्र- 32़ 62 करोड़
ऑनलाइन- 5़ 70 करोड़
एफसीआरए- 48 लाख
ब्याज- 110़ 02 करोड़
कुल आय- 159़ 53 करोड़









