अयोध्या- भारतीय संस्कार व जैन धर्म को अंगीकार करने की दी सीख

Spread the love

 

भारतीय संस्कृति और जैन धर्म के मूल संस्कारों को आत्मसात करने का संदेश देश की सीमाओं से निकलकर विदेशों तक गूंजा। अमेरिका और कनाडा में निवास कर रहे करीब 300 जैन परिवारों ने गणिनी प्रमुख ज्ञानमती से ऑनलाइन आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके प्रवचनों को श्रवण किया। इस अवसर पर गणिनी प्रमुख ने कहा कि भौतिक उन्नति के साथ भारतीय संस्कार, अहिंसा, संयम को जीवन में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने जैन धर्म के सिद्धांतों अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा को जीवन का आधार बनाने पर जोर दिया।

गणिनी प्रमुख ने प्रवासी भारतीयों से आह्वान किया कि वह नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़े रखें, ताकि विदेशों में रहते हुए भी भारतीयता और जैन परंपरा सुरक्षित रह सके। संवाद के दौरान श्रद्धालुओं ने प्रश्न भी पूछे, जिनका समाधान करते हुए गणिनी प्रमुख ने सरल और प्रेरक शब्दों में जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग दिखाया।

 

अखिल भारत दिगंबर जैन युवा परिषद की ओर ये यह आयोजन किया गया था। संचालन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में न्यूजर्सी, न्यूयार्क, फ्रैकलिंक, बोस्टन, वॉशिंगटन डी.सी., वर्जिनिया, नॉर्थ करोलिना, अटलांटा, फ्लोरिडा, शिकागो, डलास, टेक्सास, कैलीर्फोनिया, कनाडा के भक्तजन जुड़े रहे।


Spread the love
और पढ़े  अयोध्या- कौन होगा राममंदिर का नया CEO? 16 दावेदारों के बाद इन तीन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा
  • Related Posts

    अयोध्या- मणि पर्वत मेले के साथ कंचन भवन में झूला उत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ

    Spread the love

    Spread the love     रामनगरी की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष स्थान रखने वाले कंचन भवन में मणि पर्वत मेले के दिन से भगवान के दिव्य झूला…


    Spread the love

    अयोध्या- रामजन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी संत थे महंत विश्वनाथ दास शास्त्री की 11वीं पुण्यतिथि पर संत समाज ने किया भावपूर्ण स्मरण

    Spread the love

    Spread the love     श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी संत, पूर्व सांसद एवं साकेतवासी महंत ब्रह्मचारी विश्वनाथ दास शास्त्री की 11वीं पुण्यतिथि पर श्रीरामानंद आश्रम दर्शन भवन, जानकीघाट में…


    Spread the love