गणिनीप्रमुख ज्ञानमती के सानिध्य में हुआ निर्वाण कल्याणक समारोह, पीठाधीश्वर रवींद्रकीर्ति स्वामी के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने किया अभिषेक
जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण कल्याणक पर बुधवार को रायगंज स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा। जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनीप्रमुख ज्ञानमती के पावन सानिध्य एवं श्री दिगंबर जैन मंदिर के पीठाधीश्वर रवींद्रकीर्ति स्वामी के मार्गदर्शन में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में देश के विभिन्न प्रांतों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भगवान पार्श्वनाथ ने झारखंड स्थित सम्मेद शिखर की पावन धरा पर स्वर्णभद्र कूट से निर्वाण अर्थात मोक्ष प्राप्त किया था। इसी पावन स्मृति में निर्वाण कल्याणक के अवसर पर भगवान के चरणों में निर्वाण लाडू समर्पित करने की परंपरा निभाई गई। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ निर्वाण लाडू अर्पित कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
समारोह के दौरान मंदिर परिसर में सम्मेद शिखर की भव्य रचना की गई। इसके बाद निर्वाण कांड का पाठ हुआ और विधि-विधान से भगवान पार्श्वनाथ के चरणों में निर्वाण लाडू समर्पित किया गया। प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन को निर्वाण लाडू समर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक एवं शांतिधारा भी संपन्न हुई। इस दौरान पीठाधीश्वर रवींद्रकीर्ति स्वामी एवं अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान की विधि-विधान से आराधना की। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मंदिर परिसर भगवान पार्श्वनाथ के जयकारों से गूंजता रहा।
संध्या होते ही मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण और अधिक दिव्य हो उठा। 1008 दीपकों से भगवान पार्श्वनाथ की मंगल आरती की गई। दीपों की जगमगाहट के बीच श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से आरती में सहभागिता की और भगवान के चरणों में सुख-शांति एवं मोक्षमार्ग की कामना की।
इसी अवसर पर जैन मंदिर के मंत्री विजय कुमार जैन का जन्मदिवस भी मनाया गया। कार्यक्रम में आर्यिका चंदनामती, डॉ. जीवन प्रकाश जैन, सुरेंद्र जैन, मनोज जैन सहित विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु उपस्थित रहे।








