अयोध्या- 21 लाख स्ट्रोक कपालभाति कर विश्व रिकार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू

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अयोध्या- 21 लाख स्ट्रोक कपालभाति कर विश्व रिकार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू

हनुमान गढ़ी परिसर में महेश दास उर्फ स्वामी महेश योगी द्वारा 21 लाख स्ट्रोक कपालभाति कर विश्व रिकार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब वे प्रति दिन 11 घंटे की छह माह तक योग साधना करेंगे। इस दौरान अन्न ग्रहण न करने का भी दावा है। इसके बाद फाइनल आयोजन 5 सितंबर दिल्ली में होगा। इसके बाद भी छह माह पूरा करने के लिए योग जारी रखेंगे। उनकी इच्छा है कि आने वाले दिनों में भारत के चारों दिशाओं में योगदान की स्थापना उनके माध्यम से की जाए। इसी के साथ उनके द्वारा अयोध्या में एक ब्रह्म ऋषि वशिष्ठ योगपीठ खोलने की योजना भी है।

यू तो संत स्वामी महेश योगी ने योग, कला व साहित्य में अनेकों विश्व रिकार्ड अपने नाम दर्ज कराए हैं। उसी क्रम में अब उनके द्वारा योग में अबतक का सबसे बड़ा विश्व कीर्तिमान स्थापित करने के लिए छह माह तक प्रतिदिन 11 तक रात-दिन कपालभाति प्राणायाम करने की शुरुआत हो गई है। योग व कपालभाति में साधना करना व रिकॉर्ड बनाना स्वामी महेश योगी के लिए यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी इन्होंने 2018 में सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज में 13 घंटे कपालभाति करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया।
वर्ष 2018 में योग गुरु स्वामी रामदेव व राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के संयोजन में 23 घंटे 10 मिनट कपालभाति करने का नया कीर्तिमान स्थापित किया तथा 2019 में ही मेवाड़ इंस्टीट्यूशन गाजियाबाद में इन्होंने फिर से 51 घंटे 10 मिनट तक कपालभाति करने का विश्व कीर्तिमान स्थापितकर दिया। इसके अतिरिक्त इन्होंने गुजरात सरकार के निर्देशन में 51 घंटे अनवरत योग मैराथन, अंबेडकर नगर में अनवरत 76 घण्टे योग मैराथन तथा 2019 में महाराष्ट्र सरकार के निर्देशन में सवा घंटे शीर्षासन में कपालभाति करने का रिकॉर्ड तथा राजस्थान मेवाड़ में एक मिनट में 21 बार सूर्य नमस्कार करने का विश्व रिकॉर्ड बना चुके हैं। इसके
अतिरिक्त चित्रकला के क्षेत्र में 11 हजार चित्रों का सृजन करने व भारत के महान मनीषियों की सबसे बड़ी व्यक्ति चित्र श्रृंखला बनाने का विश्व रिकॉर्ड व साहित्य के क्षेत्र में दिव्य भारत गौरव ग्रंथ लिखने व भारत ऋषि ज्ञान एनसाइक्लोपीडिया लिखने का विश्व कीर्तिमान बना चुके हैं।

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