एशियन चैंपियन तान्या चौधरी खेत में काट रहीं फसल, आठ गोल्ड सहित 15 से ज्यादा मेडल

बागपत जिले के गांधी गांव की एशियन चैंपियन हैमर थ्रो खिलाड़ी तान्या चौधरी ने संघर्ष के दम पर खेल जगत में अपनी पहचान बनाई है। अब तक वह आठ स्वर्ण सहित 15 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। उनका अगला लक्ष्य कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक जीतना है।

 

नीरज चोपड़ा से मिली प्रेरणा
तान्या ने वर्ष 2016 में घर पर ही हैमर थ्रो का अभ्यास शुरू किया था। वर्ष 2020 में उन्होंने प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, लेकिन उस समय उन्हें कोई पदक नहीं मिला।

इसके बाद उन्होंने स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से प्रेरणा लेकर अभ्यास जारी रखा। लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2025 में खेलो इंडिया में हिस्सा लिया और स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद उन्होंने लगातार पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया।

 

पदक जीतने के बाद भी जमीन से जुड़ी
खेल में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद तान्या अपने परिवार के साथ खेत और घर के कामों में हाथ बंटाती हैं। घर आने के बाद वह पहले खेत में फसल की कटाई करती हैं और फिर अपनी माता के साथ खाना बनाने में भी सहयोग करती हैं। इन दिनों पदक जीतकर घर लौटने के बाद तान्या आराम के साथ-साथ खेत में गेहूं की कटाई में भी परिवार का हाथ बंटा रही हैं।

25 किलोमीटर दूर जाकर लिया प्रशिक्षण
हैमर थ्रो में बेहतर प्रदर्शन के लिए तान्या रोजाना करीब 25 किलोमीटर दूर डौलचा गांव जाकर अभ्यास करती थीं। वहां कोच सचिन यादव ने उन्हें प्रशिक्षण दिया। तान्या डौलचा के अलावा दिल्ली में भी हैमर थ्रो का अभ्यास करती हैं और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने का लक्ष्य लेकर तैयारी कर रही हैं।

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