हल्द्वानी शहर के हीरानगर स्थित केवीएम स्कूल में मंगलवार शाम अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले स्कूल की दो बसें और एक जनरेटर जलकर नष्ट हो गए। इस दौरान पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैला गया जो चार किमी दूर से भी दिखाई दिया। रिहायशी क्षेत्र में हुई इस घटना से आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई।
आग की लपटें स्कूल भवन तक पहुंच गईं और ग्राउंड फ्लोर के कमरों की ओर फैलने लगीं। इस दौरान एक दो बार धमाके की भी आवाज आई। सूचना मिलने पर दमकल की तीन गाड़ियां शाम 7:08 बजे मौके पर पहुंचीं। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद आग पर काबू पाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी जगदीश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी और सीओ सिटी अमित कुमार सैनी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
समय पर पहुंचती दमकल तो बच सकती थी एक बस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब आग लगने की सूचना दी गई थी तब केवल एक बस में आग लगी थी। दमकल के पहुंचने में हुई देरी के दौरान दूसरी बस भी आग की चपेट में आ गई। प्रशासन ने स्कूल में मौजूद अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच कराने की बात कही है।
भीड़ के कारण दमकल वाहनों को पहुंचने में हुई कठिनाई
स्कूल के पीछे वाले हिस्से तक पहुंचने के लिए हीरानगर और नहर कवरिंग रोड की ओर से रास्ता है। इसकी चौड़ाई लगभग 17 से 20 फुट है। संकरी सड़क और भीड़ के कारण दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने में कठिनाई हुई। राहत कार्य सुचारु रूप से चल सके, इसके लिए नहर कवरिंग रोड पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया।
अग्निकांड में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। नुकसान का आकलन करने के लिए फायर विभाग द्वारा ऑडिट कराया जाएगा। – अमित कुमार सैनी, सीओ सिटी
बसों को स्टार्ट करने के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से आग लगने की सूचना मिली है। अग्निकांड में लगभग 30 लाख का नुकसान हुआ है। दमकल ने तत्परता दिखाते हुए आग को फैलने से रोक लिया।
– मंजुल भंडारी मैनेजर केवीएम स्कूल
घनी आबादी में संचालित हो रहे स्कूल
हल्द्वानी शहर के एक रिहायशी इलाके में संकरी गली के भीतर संचालित स्कूल में आग लगने की घटना ने स्कूलों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में ऐसे कई स्कूल हैं जो घनी आबादी के बीच संचालित हो रहे हैं। मंगलवार शाम को हीरानगर स्थित जिस स्कूल में आग की घटना हुई उसके आसपास दो तीन अन्य स्कूल भी हैं। इनमें छोटे बच्चों के स्कूल भी शामिल हैं। इसके अलावा नैनीताल रोड, मुखानी, कुसुमखेड़ा, बनभूलपुरा, बाजार क्षेत्र में छोटे-बड़े करीब 150 से अधिक स्कूल हैं। नैनीताल रोड पर कालू सिद्ध मंदिर के पास प्राथमिक और जूनियर सरकारी स्कूल है। अगर यहां इस तरह की घटना होती है तो बाजार क्षेत्र में बड़ा हादसा हो सकता है।
अतिक्रमण और संकरी गलियां रोकती है दमकल की राह
शहर के अधिकतर स्कूलों के आसपास अतिक्रमण है और यहां जाने वालीं गलियां बेहद संकरी हैं। स्कूल में आग की घटना ने प्रशासन के साथ अभिभावकों को भी चिंता में डाल दिया है। अभिभावक भुवनेश चंद्र ने कहा कि क्या संकरी गलियों में बने स्कूलों का नियमित फायर ऑडिट होता है। मनीष ने कहा कि आपातकाल में बच्चों को निकालने के लिए पर्याप्त रास्ते हैं या नहीं यह क्यों नहीं देखा जाता है। अभिभावकों ने ऐसी घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन और पुलिस से तत्काल कदम उठाने की मांग भी की।
सभी सरकारी स्कूलों का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट : सीईओ
सीबीएसई संबद्ध स्कूल शिक्षा विभाग से केवल अनापत्ति प्रमाणपत्र लेते हैं। सरकारी स्कूलों की जहां तक बात है तो कुछ विद्यालय आबादी वाले इलाकों में हैं। अभी स्कूल बंद हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूलों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। खंड शिक्षाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। – गोविंद राम जायसवाल, मुख्य शिक्षाधिकारी, नैनीताल।








