कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के अंदर अंतर्कलह दिनों दिन बढ़ती जा रही है। हाल ही में कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया ने अपने पिता सिद्धारमैया को लेकर कहा था कि वो पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि सीएम बदलने का मुद्दा अब खत्म हो गया है। इस बीच अब कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी के 80 से 90 विधायकों ने मुख्यमंत्री पद के लिए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का नाम हाई कमान को दिया है।
कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए इकबाल हुसैन ने कहा, ‘हमने यह मामला हाई कमांड पर छोड़ दिया है। 80-90 विधायकों ने हाई कमांड से डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए मौका देने का अनुरोध किया है। हम एक अनुशासित पार्टी हैं और हमें शालीनता से व्यवहार करना होगा। हमें यह पसंद नहीं है कि वह (यतींद्र सिद्धारमैया) बार-बार अपने पिता के पक्ष में बोलकर आलाकमान को शर्मिंदा कर रहे हैं। हर पिता अपने बेटे से प्यार करता है, और बेटा अपने पिता से, लेकिन राजनीति में हमें अनुशासन से काम लेना होता है। इस तरह के बयानों से दूसरों को उकसाना नहीं चाहिए।’
डीके शिवकुमार के खुले समर्थन में हुसैन
उन्होंने आगे कहा कि हम सभी के मन में यही इच्छा है कि डीके शिवकुमार को मौका दिया जाए। हर कोई यही चाहता है, लेकिन हमें बयानबाजी से कोई भ्रम पैदा नहीं करना चाहिए, इसीलिए सब चुप हैं और कुछ लोग आपस में बात कर रहे हैं। मैं खुले दिल से, जैसा कि मैंने पहले दिन से कहा है यही मेरी इच्छा है कि डीके शिवकुमार को इसी कार्यकाल में मौका दिया जाए। वहीं कांग्रेस एमएलसी चन्नाराज हट्टीहोली ने भी कहा कि मेरी इच्छा है कि डीके शिवकुमार इस कार्यकाल में जल्द ही मुख्यमंत्री बनें।”
दिल्ली में आलाकमान संग बैठक करेंगे शिवकुमार
पिछले हफ्ते यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा था कि कांग्रेस हाई कमान ने सिद्धारमैया को पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने रहने की हरी झंडी दे दी है। वहीं यतींद्र के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि ऐसे बयान पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने यह बयान दिल्ली में एक पार्टी बैठक के लिए रवाना होने से पहले दिया। उन्होंने कहा कि वे आगामी राज्य चुनावों पर एआईसीसी की बैठक में भाग लेने जा रहे हैं।
पार्टी नेताओं को दी नसीहत
शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा, ‘आज मेरी एआईसीसी में विभिन्न चुनावों से संबंधित राजनीतिक मामलों पर बैठक है, इसलिए मैं (दिल्ली) जा रहा हूं। एआईसीसी ने मुझे बुलाया है क्योंकि तारीखों की घोषणा होनी बाकी है।’ उन्होंने आगे कहा कि इसमें कोई भ्रम नहीं है। जब दूसरे लोग मेरे पक्ष में या किसी विधायक या मंत्री के खिलाफ बयान देते हैं या राय देते हैं, तो इससे पार्टी को नुकसान होता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभी से इस पर बोलने से मना किया है।







