अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उनके देश ने वेनेजुएला के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत इस दक्षिण अमेरिकी देश के 65 अरब बैरल तेल भंडार पर अमेरिका नियंत्रण हासिल करेगा।
ट्रंप पर गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, ईरान में युद्ध को छह महीने पूरे हो चुके हैं। अभी इसके खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। अमेरिका ने अपने रणनीतिक तेल भंडार का इस्तेमाल भी किया है। अगस्त की शुरुआत में इसमें तेल की मात्रा 30 करोड़ बैरल से नीचे चली गई थी। 2026 की शुरुआत से इसमें 10 करोड़ बैरल से ज्यादा की कमी आई है।
मादुरो के हटने के बाद तेल पर नजर?
जनवरी में मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद के दिनों में ट्रंप ने अमेरिकी तेल कंपनियों के वेनेजुएला लौटने की बात कही थी। इन कंपनियों को वहां के तेल भंडार से तेल निकालने की अनुमति देने की बात कही गई थी।
ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला ने अमेरिका का तेल चुराया था। उनका तर्क है कि वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज ने कई दशक पहले सैकड़ों विदेशी कंपनियों की संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। इनमें अमेरिकी तेल कंपनियों की संपत्तियां भी शामिल थीं।
वेनेजुएला में कितना तेल है?
वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के मुताबिक, वहां जमीन के नीचे करीब 303 अरब बैरल कच्चा तेल मौजूद है। यह दुनिया के कुल तेल भंडार का करीब 17 फीसदी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भूवैज्ञानिकों को दुनिया के दूसरे हिस्सों में जमीन के नीचे मौजूद नए तेल भंडार खोजने पड़ते हैं। लेकिन वेनेजुएला के नीचे मौजूद तेल भंडार का बड़ा हिस्सा पहले से ही चिह्नित है। हालांकि, वेनेजुएला में तेल निकालने का ढांचा काफी खराब हो चुका है। इसी वजह से देश दुनिया के कुल तेल उत्पादन का केवल करीब एक फीसदी ही पैदा करता है।






